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UPDATE: गुजरात पर 'वायु' का खतरा, अबतक 1.6 लाख लोग निकाले गए, कई ट्रेनें रद्द, पीएम भी सक्रिय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Wed, 12 Jun 2019 10:12 PM IST
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चक्रवाती तूफान वायु - फोटो : ANI

अरब सागर में हवा के कम दबाव की स्थिति गहराने के कारण उत्पन्न चक्रवाती तूफान 'वायु' के 13 जून को गुजरात पहुंचने की आशंका हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में तूफान गंभीर रूप ले सकता है। गुजरात के तट पर गुरूवार की सुबह चक्रवात ‘वायु’ की आशंकाओं के बीच 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सौराष्ट्र और कच्छ के निचले इलाकों से लोगों को निकाला गया है। इन क्षेत्रों के बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर सुरक्षा की दृष्टि से कामकाज रोक दिया गया है। मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार यह चक्रवात अब बेहद गंभीर की श्रेणी में आ गया है और यह अब दक्षिण के वेरावल से पश्चिम में द्वारिका तक कहीं भी गुरूवार दोपहर तक तट से टकरा सकता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अब तक का अपडेट

यह तूफान दक्षिण में 280 किलोमीटर दूर है और इसके उत्तर की तरफ बढ़ने की आशंका है। यह तूफान 155-160 से लेकर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से द्वारिका और वेरावल के मध्य तट से टकरा सकता है। तट पर पहुंचने के बाद चक्रवात के सौराष्ट्र एवं कच्छ के समांतर बढ़ने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुये राज्य के दस जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 45 सदस्यों वाले राहत दल की करीब 52 टीमें गठित की गई हैं और सेना की दस टुकड़ियों को तैयार रखा गया है। इसके अलावा भारतीय नौसेना के युद्धपोतों और विमानों को भी तैयार रहने को कहा गया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को सुरक्षित रहने के लिए स्थानीय एजेंसियों द्वारा मुहैया कराई जा रही जानकारी का अनुसरण करते रहने के लिए कहा है। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा है, ‘‘चक्रवात वायु से प्रभावित होने वाले सभी लोगों की सुरक्षा और हित के लिए प्रार्थना करता हूं। सरकार और स्थानीय एजेंसी जानकारी मुहैया करा रही हैं, जिसका मैं प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से अनुसरण करने का अनुरोध करता हूं।’’ 



केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश दिया। राज्य सरकार ने बताया कि चक्रवात से कच्छ, मोरबी, जामनगर, जूनागढ़, देवभूमि-द्वारका, पोरबंदर, राजकोट, अमरेली, भावनगर और गिर-सोमनाथ जिले प्रभावित हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गांधीनगर में एक समीक्षा बैठक के बाद कहा कि राज्य सरकार ने गुजरात के तट पर स्थित सभी बंदरगाहों पर संचालन रोकने का निर्णय किया है। ऐहतियाती कदम के तौर पर सौराष्ट्र क्षेत्र के सभी हवाई अड्डे भी चक्रवात समाप्त होने तक बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि उस क्षेत्र में स्थित तीर्थस्थलों के लिए बस सेवाएं भी रद्द कर दी गई हैं। 

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चक्रवाती तूफान वायु - फोटो : ANI
अरब सागर में हवा के कम दबाव की स्थिति गहराने के कारण उत्पन्न चक्रवाती तूफान 'वायु' के 13 जून को गुजरात पहुंचने की आशंका हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में तूफान गंभीर रूप ले सकता है। गुजरात के तट पर गुरूवार की सुबह चक्रवात ‘वायु’ की आशंकाओं के बीच 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सौराष्ट्र और कच्छ के निचले इलाकों से लोगों को निकाला गया है। इन क्षेत्रों के बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर सुरक्षा की दृष्टि से कामकाज रोक दिया गया है। मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार यह चक्रवात अब बेहद गंभीर की श्रेणी में आ गया है और यह अब दक्षिण के वेरावल से पश्चिम में द्वारिका तक कहीं भी गुरूवार दोपहर तक तट से टकरा सकता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अब तक का अपडेट

यह तूफान दक्षिण में 280 किलोमीटर दूर है और इसके उत्तर की तरफ बढ़ने की आशंका है। यह तूफान 155-160 से लेकर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से द्वारिका और वेरावल के मध्य तट से टकरा सकता है। तट पर पहुंचने के बाद चक्रवात के सौराष्ट्र एवं कच्छ के समांतर बढ़ने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुये राज्य के दस जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 45 सदस्यों वाले राहत दल की करीब 52 टीमें गठित की गई हैं और सेना की दस टुकड़ियों को तैयार रखा गया है। इसके अलावा भारतीय नौसेना के युद्धपोतों और विमानों को भी तैयार रहने को कहा गया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को सुरक्षित रहने के लिए स्थानीय एजेंसियों द्वारा मुहैया कराई जा रही जानकारी का अनुसरण करते रहने के लिए कहा है। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा है, ‘‘चक्रवात वायु से प्रभावित होने वाले सभी लोगों की सुरक्षा और हित के लिए प्रार्थना करता हूं। सरकार और स्थानीय एजेंसी जानकारी मुहैया करा रही हैं, जिसका मैं प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से अनुसरण करने का अनुरोध करता हूं।’’ 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश दिया। राज्य सरकार ने बताया कि चक्रवात से कच्छ, मोरबी, जामनगर, जूनागढ़, देवभूमि-द्वारका, पोरबंदर, राजकोट, अमरेली, भावनगर और गिर-सोमनाथ जिले प्रभावित हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गांधीनगर में एक समीक्षा बैठक के बाद कहा कि राज्य सरकार ने गुजरात के तट पर स्थित सभी बंदरगाहों पर संचालन रोकने का निर्णय किया है। ऐहतियाती कदम के तौर पर सौराष्ट्र क्षेत्र के सभी हवाई अड्डे भी चक्रवात समाप्त होने तक बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि उस क्षेत्र में स्थित तीर्थस्थलों के लिए बस सेवाएं भी रद्द कर दी गई हैं। 

चक्रवाती तूफान वायु - फोटो : ANI

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- तूफान वायु पोरबंदर और दीव के बीच गुजरात तट को पार करने वाला है। मैं लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं। गृह मंत्रालय, राज्य सरकारों के साथ लगातार संपर्क में है। एनडीआरएफ ने 52 टीमें तैनात की हैं। 

-अमरेली के जाफराबाद पोस्ट में लोगों को आगाह करती एनडीआरफ टीम। 
 


-मौसम विभाग के मुताबिक 13 जून की दोपहर तीन बजे 155-156 की रफ्तार से तूफान वायु गुजरात के तट से टकराएगा। 
 


-गुजरात का चौपाटी समुद्र तट 
 


-पश्चिम रेलवे ने गुजरात के तटीय इलाकों से गुजरने वाली कुछ रेलों को चक्रवात ‘वायु’ से प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर निरस्त करने या फिर उनकी यात्रा बीच में ही समाप्त करने का फैसला किया है। पश्चिम रेलवे ने एक बुलेटिन में कहा कि इस रेलवे की वेरावल, ओखा, पोरबंदर, भावनगर, भुज और गांधीधाम स्टेशन तक जाने वाली सभी पैसेंजर और मेल ट्रेनें बुधवार शाम छह बजे से शुक्रवार सुबह तक या तो रद्द रहेंगी अथवा उन्हें बीच में ही समाप्त कर दिया जाएगा। इसमें कहा गया है कि पश्चिम रेलवे गांधीधाम, भावनगर पारा, पोरबंदर, वेरावल और ओखा से विशेष रेल चलाएगा ताकि इन इलाकों से लोगों को निकाला जा सके। पश्चिम रेलवे ने कहा कि छह से दस डिब्बों वाली ये विशेष ट्रेनें निकटतम सुरक्षित स्टेशनों पर रोकी गई हैं ताकि उन्हें आपात स्थिति में भेजा जा सके।

-गुजरात एसडीएमए ने कहा कि अब तक 10 प्रभावित इलाकों से 1,64,090 लोगों को बाहर निकाला गया। 
 


-एनडीआरएफ ने द्वारका तट से लोगों को बाहर निकाला। 
 


पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार गुजरात और दूसरे राज्यों में हालात पर नजर बनाए हुए है। मैं राज्य सरकारों से लगातार संपर्क में हूं।  
 


-गिर सोमनाथ में सोमनाथ मंदिर के पास धूल भरी आंधी। 
 


महाराष्ट्र सरकार: चक्रवाती तूफान वायु के चलते 12 और 13 जून को हाई टाइड की संभावना, कोंकण क्षेत्र के पालघर, ठाणे, मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधदुर्ग के सभी समुद्री तट अगले दो दिन के लिए बंद किए जा सकते हैं।

इस तूफान का असर महाराष्ट्र में भी दिखना शुरू हो गया है। मुंबई में तेज हवाएं चल रही हैं। जिसके चलते कई पेड़ भी गिर गए हैं। साथ ही कुछ अन्य तटीय इलाकों में भी सुबह से तेज हवाएं चल रही हैं। तूफान को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की है। 

राज्य सरकार ने तटीय और दक्षिण गुजरात में 'हाई अलर्ट' जारी किया है। तटीय इलाकों में एनडीआरएफ जवानों को तैनात किया है। सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। हालात से निपटने के लिए सेना भी तैयारियों में जुटी हैं। करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी गुजरात के पार्टी कार्यकर्ताओं से मदद करने के लिए अपील की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, "चक्रवात 'वायु' गुजरात तट के करीब पहुंचने वाला है। मैं गुजरात के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे इसके रास्ते में आने वाले सभी क्षेत्रों में मदद के लिए तैयार रहें। मै xचक्रवात से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के सभी लोगों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं।"

तूफान सौराष्ट्र और कच्छ की ओर लगातार बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने स्थिति के गंभीर होने की बात कही है। आईएमडी ने बताया, "वायु चक्रवात बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। इससे गुरुवार सुबह हवाएं 145 से 170 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी।"

रेल और विमान सेवा प्रभावित

तूफान के चलते विमान और रेल सेवा भी प्रभावित हो रही हैं। गुरुवार के लिए अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से पोरबंदर, दियु, कंडला, मुंद्रा और भावनवगर जाने वाली उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। 

आज शाम छह बजे से गुरुवार सुबह तक वेरावल, ओखा, पोरबंदर, भावनगर, भुज और गांधीधाम स्टेशन जाने वाली पैसेंजर और मेल/एक्सप्रेस रेलों को रद्द कर दिया गया है और कुछ की यात्रा गंतव्य स्थान से पहले ही रोक दी गई है। वहीं हर स्टेशन पर लोगों को सुरक्षित बचाने के लिए एक विशेष रेल की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा राजकोट और अहमदाबाद के लिए भी दो विशेष रेल चलाई जा रही हैं।

चक्रवाती तूफान वायु - फोटो : ANI

10 जिलों में स्कूल-कॉलेज की छुट्टी 

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने 'वायु' चक्रवात से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले 10 जिलों में 13 और 14 जून को स्कूल और कॉलेजों में 2 दिन की छुट्टी करने का आदेश दिया। 

सीएम ने पर्यटकों से की वापस जाने की अपील

वायु चक्रवाती तूफाने के खतरे को देखते हुए गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने गुजरात द्वारका, सोमनाथ, सासन, कच्छ आए हुए पर्यटकों को 12 जून की दोपहर के बाद सुरक्षित स्थानों पर लौटने की अपील की है। सीएम ने लोगों से कहा कि किसी तरह का नुकसान न हो इसलिए पर्यटक समय रहते वापस भी लौट सकते हैं  

राज्य सरकार के हाई अलर्ट के बाद NDRF तैनात 

मौसम विभाग ने इसके मद्देनजर सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में 13 और 14 जून को भारी बारिश होने और 110 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।

इसे देखते हुए गुजरात सरकार ने भी 'हाई अलर्ट' जारी करते हुए सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों को तैनात किया है। एनडीआरएफ की एक टीम को भारतीय वायु सेना के C-17 विमान से जामनगर में उतारा गया है। यह टीम किसी भी खतरे की दशा में सहायता और आपदा राहत मिशन चलाएगी।

चक्रवाती तूफान वायु - फोटो : ANI

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह 

राज्य सरकार ने तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। साथ ही बंदरगाहों को खतरे के संकेत और सूचना जारी करने को कहा है। 13 जून को 1 से 1.5 मीटर तक ज्वार उठने की संभावना है जिससे कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, दीव, गिर सोमनाथ, अमरेली और भावनगर के निचले जिलों में पानी भर सकता है। 

केरल में मूसलाधार बारिश

केरल में मानसून के दस्तक देने के बाद कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई है। खासतौर पर तटीय इलाकों में मकानों और पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचा है। पिछले साल अगस्त में हुई अत्यधिक मानसूनी बारिश के बाद राज्य को सदी की सबसे बड़ी बाढ़ का सामना करना पड़ा था, जिसमें करीब 400 लोगों की मौत हो गई थी। 

मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को एर्नाकुलम के पिरावम में सर्वाधिक 14 सेमी. बारिश दर्ज की गई। विभाग ने कुछ इलाकों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तर मलप्पुरम और कोझिकोड में 12 जून को भारी वर्षा के आसार हैं। इस दौरान मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। 

पश्चिम रेलवे ने वायु चक्रवात से होने वाली संभावित आपदा को देखते हुये 40 रेलगाड़ियों को निरस्त और 16 ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त कर दिया है। पश्चिम रेलवे ने बुधवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि इसके अलावा सुरक्षा के कई इंतजाम किए गए हैं। वेरावल, ओखा, पोरबंदर, भावनगर, भुज और गांधीधाम में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए गए हैं।

पश्चिम रेलवे ने विशेष राहत ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। ऐसी दो विशेष ट्रेनें राजकोट डिवीजन से एक ट्रेन भावनगर डिवीजन से चलना निर्धारित किया गया है। वेरावल-अमरेली पैसेंजर, अमरेली-जूनागढ़, देलवाड़ा-वेरावल 12 और 13 जून को रद्द रहेंगी।

राज्य सरकार ने सौराष्ट्र, कच्छ के निचले इलाकों को खाली कराने के लिए विशाल पैमाने पर काम शुरू कर दिया है। इस तूफान के गुरूवार सुबह तट पर टकराने की आशंका है।
 
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