आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप चैंपियन का खिताब जीतने के बाद भी भारत के गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे ने टीम के युवा खिलाड़ियों को बहुत बड़ी सलाह दी है। पारस का मानना है कि युवा तेज गेंदबाजों को आगामी मिलने वाली चुनौती के मद्देनजर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। चौथी बार भारत को वर्ल्ड कप खिताब जिताने वाली अंडर-19 टीम में कमलेश नगरकोटि और शिवम मावी जैसे गेंदबाज हैं जो लगातार 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते रहे हैं। बंगाल के इशान पोरेल ने भी अपनी विविधता से प्रभावित किया है तो स्पिन विभाग में अनुकूल राय और शिवा सिंह ने टीम की जीत में योगदान दिया है।
म्हाम्ब्रे ने कहा कि यह सही है कि इन गेंदबाजों ने अंडर-19 विश्व कप में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने गति को लेकर एक स्तर कायम किया है लेकिन प्रथम श्रेणी में उनके सामने अपेक्षाकृत ज्यादा स्तरीय और अनुभवी बल्लेबाज होंगे। उन्हें प्रथम श्रेणी में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। बतौर एक तेज गेंदबाज सिर्फ गति से गेंद फेंकना ही काफी नहीं है बल्कि आपको यह भी समझना होगा कि गेंदबाजी कैसे करेंगे। आपको अपनी फिटनेस, हालात और पिच को भी देखना होगा। अभी आप यह नहीं कह सकते कि अंडर-19 टीम के ये गेंदबाज उच्च स्तरीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं।
आईपीएल में पैसा नहीं खेलना अहम
यह पूछने पर क्या आईपीएल की नीलामी से इन युवा क्रिकेटरों का ध्यान भटका होगा। इस बारे में म्हाम्ब्रे ने कहा कि वे इस दिशा में परिपक्व हो चुके हैं। आईपीएल की नीलामी उनके लिए चुनौतीपूर्ण रही। उन्होंने उसके बाद मैदान पर उतरकर अच्छा प्रदर्शन किया। आईपीएल एक बड़ा मंच है और हर खिलाड़ी इसमें खेलना चाहता है। बात सिर्फ पैसों की नहीं बल्कि शीर्ष क्रिकेटरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेलने की भी है।