यह गांगुली ही थे जिनकी वजह से भारत में डे-नाइट टेस्ट की शुरुआत हो सकी। उन्हीं के प्रयासों से कोलकाता में नवंबर बांग्लादेश के खिलाफ गुलाबी गेंद से टेस्ट मैच आयोजित किया जा सका। उन्होंने ही इस मुद्दे पर कप्तान कोहली से बात की। कोहली ने एक झटके में यह टेस्ट मैच खेलना स्वीकार कर लिया था। बांग्लादेश के खिलाफ पिंक टेस्ट को जिस तरह की सफलता मिली उससे यह साफ हो गया था कि गांगुली इसे अगले स्तर तक ले जाएंगे। ठीक यही हुआ है। कोहली ने भी बांग्लादेश टेस्ट मैच के बाद दिन-रात्रि टेस्ट मैच को हरी झंडी दे दी थी।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से बीसीसीआई से दोनों टीमों के बीच डे-नाइट टेस्ट मैच के आयोजन को लेकर बातचीत कर रहा था। जिस पर अब अंतिम मुहर लग चुकी है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह टेस्ट मैच एडिलेड में खेला जाएगा। यह टीम इंडिया का विदेश में गुलाबी गेंद से पहला टेस्ट होगा। एडिलेड में ही 2015 में क्रिकेट इतिहास का पहला डे-नाइट टेस्ट मैच खेला गया था।