भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत बुधवार से हो रही है। भारत ने हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में आक्रामक रवैया अपनाया था और सीरीज 2-0 से क्लीन स्वीप की थी। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हालांकि कहा कि टीम टेस्ट क्रिकेट में किसी विशेष तरह की शैली नहीं अपनाती है।
गंभीर ने बल्लेबाजी क्रम को सराहा
भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज का पहला मैच बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि भारतीय बल्लेबाज इतने सक्षम है कि जरूरत पड़ने पर मैच बचाने के लिए दो दिन तक बल्लेबाजी कर सकते हैं। गंभीर ने कहा कि उन्हें टीम पर गर्व है जिसमें इतने प्रतिभाशाली बल्लेबाज मौजूद हैं। भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ कानपुर टेस्ट में आठ रन प्रति ओवर से रन बनाए थे और नतीजे अपने पक्ष में लाने में सफल रही थी। कानपुर टेस्ट में बारिश के कारण दो दिन का मैच पूरी तरह धुल गया था, इसके बावजूद भारतीय इस मैच को जीतने में सफल रही।
गंभीर ने कहा, हम ऐसी टीम बनना चाहते हैं जो एक दिन में 400 रन बनाए और टेस्ट मैच बचाने के लिए दो दिनों तक बल्लेबाजी कर सके। यही वह विकास और अनुकूलनशीलता है जिसकी हम तलाश कर रहे हैं। वास्तव में टेस्ट क्रिकेट यही है। हमारे पास ड्रेसिंग रूम में ऐसे बल्लेबाज हैं जो दोनों ही चीजें कर सकते हैं। पहला मकसद हमेशा जीतना होता है और अगर ऐसी स्थिति आती है कि हमें ड्रॉ के लिए खेलना पड़ता है, तो वह हमारा दूसरा और तीसरा विकल्प होता है।
उन्होंने कहा, हम उन लोगों को नहीं रोकेंगे जो अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहते हैं। हमें ऐसे खिलाड़ियों को रोकने की जरूरत क्यों है जो एक दिन में 400-500 रन बना सकते हैं। टी20 के संदर्भ में मैंने हमेशा कहा है कि हम अति जोखिम उठाने वाले खिलाड़ियों को लेंगे। ऐसे भी दिन आ सकते हैं जब हम 100 रन पर ढेर हो जाएंगे, लेकिन हम इसी तरह से खेल खेलना चाहते हैं, इसी तरह से हम मनोरंजन करना चाहते हैं।
भारत का लक्ष्य डब्ल्यूटीसी के फाइनल में पहुंचना
भारतीय टीम अगर न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज 3-0 से जीत जाती है तो वह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में जगह बनाने के करीब पहुंच जाएगी। पिछले कुछ महीने से भारतीय टीम शानदार फॉर्म में चल रही है और उम्मीद है कि वह टॉम लाथम की अगुआई वाली टीम के खिलाफ इस लय को बरकरार रखेगी।