भारतीय टीम को बांग्लादेश के खिलाफ सितंबर में दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इस सीरीज का पहला मुकाबला 19 सितंबर से चेन्नई में होगा। भारतीय खिलाड़ी श्रीलंका के खिलाफ जुलाई-अगस्त में खेली गई सीमित ओवरों की सीरीज के बाद से ब्रेक पर चल रहे हैं। भारत ने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच की सीरीज खेली थी और अब वह छह महीने के लंबे अंतराल के बाद खेल के सबसे बड़े प्रारूप में हिस्सा लेगा। इस सीरीज से पहले ही हालांकि, सूर्यकुमार यादव की चोट ने भारत की चिंता बढ़ा दी है जो टेस्ट में वापसी करने के लिए उत्सुक हैं।
भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने करियर में अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला है, लेकिन उन्होंने भारत के लिए लंबे प्रारूप में खेलने की इच्छा जाहिर की थी। सूर्यकुमार फिलहाल मुंबई के लिए बुची बाबू टूर्नामेंट में खेल रहे थे और उनका नाम पांच सितंबर से शुरू हो रही दलीप ट्रॉफी में भी शामिल है। हालांकि, तमिलनाडु के खिलाफ मैच के दौरान उनके हाथ में चोट लग गई। ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, सूर्यकुमार को फील्डिंग करते वक्त चोट लगी।
दलीप ट्रॉफी में शामिल होने को लेकर स्पष्टता नहीं
दलीप ट्रॉफी में सूर्यकुमार के शामिल होने को लेकर अभी कोई स्पष्टता नहीं मिली है। हालांकि, यह भी तय नहीं है कि उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मौका मिलेगा या नहीं। सूर्यकुमार ने फरवरी 2023 में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच नागपुर टेस्ट से भारत के लिए टेस्ट में डेब्यू किया था। हालांकि, चोट के कारण वह बाद में पूरी सीरीज से बाहर हो गए थे।
टेस्ट क्रिकेट को सूर्यकुमार ने बताया था प्राथमिकता
सूर्यकुमार ने कहा था, लाल गेंद का क्रिकेट हमेशा से मेरी प्राथमिकता रही है। जब मैं मुंबई के मैदानों में बड़ा हुआ और बहुत सारे स्थानीय क्रिकेट खेले, तो मैंने लाल चेरी के साथ खेलना शुरू कर दिया। सबसे लंबे प्रारूप के लिए प्यार वहीं से शुरू हुआ और हमेशा रहा है। मैंने 10 साल से भी अधिक समय से कई प्रथम श्रेणी मैचों में हिस्सा लिया है और मैं अब भी इस प्रारूप में खेलने का लुत्फ उठाता हूं। इसके बारे में कोई सवाल ही नहीं है और इसलिए मैं दलीप ट्रॉफी से पहले बुची बाबू टूर्नामेंट खेलने आया।
सूर्यकुमार का टेस्ट में वापसी का लक्ष्य
इस 33 वर्षीय बल्लेबाज को उम्मीद है कि वह टेस्ट क्रिकेट में वापसी करेंगे और उनका मानना है कि घरेलू क्रिकेट खेलने से उनके लिए दरवाजे खुल सकते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा मुंबई के लिए खेलने का मौका तलाशता रहूंगा, भले ही यह प्रथम श्रेणी हो या बुची बाबू जैसा टूर्नामेंट। कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पहले भी इस प्रतियोगिता में खेल चुके हैं और आगे भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।' भारतीय खिलाड़ियों के लिए आगामी घरेलू सीजन महत्वपूर्ण रहने वाला है क्योंकि भारतीय टीम को दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए बांग्लादेश की मेजबानी करनी है। इसके बाद आने वाले महीनों में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज भी खेलनी है।