भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ बंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम पर खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन खराब बल्लेबाजी पर चुप्पी तोड़ी है। न्यूजीलैंड ने भारत को पहली पारी में महज 46 रन पर ऑलआउट किया और दिन के खेल की समाप्ति तक पहली पारी में तीन विकेट पर 180 रन बनाकर 134 रनों की बढ़त हासिल कर ली। स्टंप के बाद रोहित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए और उन्होंने टीम के प्रदर्शन तथा टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के फैसले पर अपनी राय रखी।
रोहित ने कहा, आज हमारे लिए खराब दिन था। हम पहले ही ऐसी स्थिति से गुजर चुके हैं। यह चुनौती है, लेकिन समय-समय पर हमें ऐसी चुनौतियों से निपटने की जरूरत है।
रोहित ने कोहली को ऊपरी क्रम पर भेजने का बचाव किया
कप्तान रोहित ने साथ ही इस बात को स्वीकार किया कि टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला गलत था, लेकिन कहा कि बल्लेबाज रणनीति को अमल करने में असफल रहे। रोहित ने कोहली को तीसरे स्थान पर बल्लेबाजी के लिए भेजने के अपने फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कोहली शुभमन गिल की अनुपस्थिति में शीर्ष क्रम पर उतरना चाहते थे।
रोहित ने कहा, हम 46 रन पर ऑलआउट हुए हैं इसलिए आप ऐसा कह सकते हैं कि हमने खराब शॉट खेले और विकेट गंवाए। लेकिन इस पिच पर तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिली। बल्लेबाजी करते वक्त आपको अपना गेम प्लान तैयार करना होता है। हम कई बार ऐसी पिचों पर खेल चुके हैं और हमें सफलताएं भी मिली है। हर बल्लेबाज की अपनी अलग योजना होती है। प्रत्येक बल्लेबाज क्रीज पर जब उतरता है तो गेंदबाज का सामना करने के लिए रणनीति बनाता है। सभी को पता था कि पिच कैसी है और कैसा बर्ताव कर रही है। आज हमारे लिए खराब दिन था। अतीत में हमने ऐसे कई मैच खेले हैं।
पिच को लेकर क्या बोले रोहित?
कप्तान ने कहा, हमें लगा था कि पिच पर घास नहीं होगी। हमने सोचा कि पहले कुछ सत्रों में पिच जैसी भी रहे, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, इसमें बदलाव आएगा। भारत में हम जब भी खेलते हैं तो ऐसा ही होता है। पहला सत्र हमेशा ही कठिन होता है और टिकने के बाद चीजें सही होती है और फिर स्पिनरों को लगाया जाता है। जैसा कि मैंने कहा कि पिच पर घास नहीं थी, हमने सोचा कि हम कुलदीप को खिलाएंगे क्योंकि उसने सपाट पिचों पर गेंदबाजी की है और उसने विकेट लिए हैं। हमें लगा था कि पिच सपाट होगी, इसलिए यह स्पष्ट है कि मैं पिच को सही तरीक से नहीं भांप सका और हमें इस स्थिति का सामना करना पड़ा।