दाएं हाथ के बल्लेबाज हनुमा विहारी उन दो नए चेहरों में से एक हैं, जिसे इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम दो टेस्ट के लिए टीम इंडिया में चुना गया। विहारी मिडिल ऑर्डर बैट्समैन हैं। बता दें कि आखिरी दो टेस्ट के लिए मुरली विजय की जगह पृथ्वी शॉ जबकि कुलदीप यादव की जगह विहारी को शामिल किया गया था। वैसे, विहारी को विराट कोहली के बैक-अप के रूप में शामिल किया गया क्योंकि लॉर्ड्स टेस्ट में कप्तान पीठ दर्द की समस्या से जूझ रहे थे।
पांचवें टेस्ट से दो दिन पहले विहारी को प्रमुख ग्रुप में बल्लेबाजी अभ्यास करने का मौका मिला। प्रथम श्रेणी के सक्रिय क्रिकेटर्स में विहारी का सर्वश्रेष्ठ औसत है। उन्होंने नेट्स पर अच्छी बल्लेबाजी की। उनका डिफेंस भी मजबूत नजर आया।
कोच संजय बांगर ने विहारी को सिर्फ एक सलाह दी कि वह फ्रंटफुट डिफेंस के लिए बहुत झुक रहे हैं, जिस पर उन्हें नियंत्रण करना चाहिए। अगर हनुमा ने डेब्यू किया तो वह टीम इंडिया के 292वें टेस्ट खिलाड़ी बन जाएंगे।
अगर विहारी को मौका मिला तो टीम से बाहर किसे किया जाएगा? अगर टीम इंडिया शीर्षक्रम में कोई बदलाव नहीं करती है तो यह तय है कि ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को बाहर बैठना पड़ सकता है।
पांड्या साउथ हैम्पटन में बिलकुल प्रभावी नहीं थे, इसलिए उन्हें बाहर बैठाया जा सकता है। पांड्या ने बुधवार को गेंदबाजी का अभ्यास जरूर किया, लेकिन उन्हें अंत में बल्लेबाजी का मौका मिला। अगर टीम इंडिया ने पांड्या को बाहर किया तो अब तक के तीन विदेशी दौरों में यह पहला मौका होगा जब पांड्या किसी टेस्ट में बाहर बैठेंगे।
कोहली ने अब तक पांच गेंदबाजों के साथ विरोदिः टीम पर आक्रमण किया, जिसमें पांड्या तेज गेंदबाज की भूमिका निभाएंगे। मगर इस सीरीज में दिखा कि अगर गेंदबाजों के लिए पिच मददगार नहीं हो तो पांड्या का प्रदर्शन प्रभावी नहीं रहा।
तब वह बल्लेबाज ऑलराउंडर बन जाते हैं। हालांकि, उन्होंने बल्लेबाजी में भी अब तक निरंतरता नहीं दिखाई है। अगर पांड्या बाहर हुए तो टीम इंडिया 6 बल्लेबाज, एक विकेटकीपर और सिर्फ चार गेंदबाजों के साथ मैदान संभालेगी।
रविचंद्रन अश्विन भी चौथे टेस्ट में बिलकुल भी अपना प्रभाव नहीं फैला सके। वहीं इंग्लैंड के लिए मोइन अली ने मैच विजयी प्रदर्शन किया। ऐसी जानकारी मिली है कि अश्विन अपनी चोट से पूरी तरह उबरे नहीं हैं और अब आखिरी टेस्ट में वह रविंद्र जडेजा के लिए जगह बनाएंगे।