विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया के पास इतिहास रचने का मौका है। यदि भारतीय टीम फाइनल को जीतने में सफल रहती है तो वह विराट की कप्तानी में पहली बार आईसीसी का कोई बड़ा टूर्नामेंट अपने नाम करेगी। भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में होने के बावजूद वह कोई खिताब अपने नाम नहीं कर पाए हैं। बतौर कप्तान उन्होंने अपना लोहा मनवाया है हालांकि महेंद्र सिंह धोनी से तुलना उनके लिए आसान नहीं रही है। कोहली को एक अदद खिताब की जरूरत है। हर कप्तान को होती है लेकिन भारतीय कप्तान को सबसे ज्यादा है। फाइनल में विराट भारत को जिताने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाएंगे। कोहली की अक्सर इस बात के लिए आलोचना की जाती है कि वह अपनी कप्तानी में भारत को आईसीसी लेवल का टूर्नामेंट कब जिताएंगे। उनके लिए टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल जीतने का बेहतर मौका है।
कागजों पर दोनों टीमें बराबरी की लग रही है लेकिन सीम और स्विंग की मददगार परिस्थितियों में कीवी गेंदबाज कहर बरपा सकते हैं और इंग्लैंड ने हाल ही में टेस्ट श्रृंखला में यह अनुभव किया। फाइनल मैच का अपना ही दबाव होता है और पारी की शुरूआत करने जा रहे रोहित शर्मा या शुभमन गिल से बेहतर इसे कौन समझ सकता है। दोनों को टिम साउथी और बोल्ट की नई गेंद का सामना करना होगा। रोहित भारत में कामयाब रहे हैं लेकिन उनकी तकनीक और तेवर की असली परीक्षा इस फाइनल और उसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला में होगी। ऋषभ पंत और वेगनेर की टक्कर भी रोचक रहेगी। दूसरी ओर न्यूजीलैंड के नये सितारे कॉन्वे को जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी का सामना करना होगा।
टीम इस प्रकार है :
विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, रविंद्र जडेजा, आर अश्विन, जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी।