भारतीय महिला टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 मैच में 12 रन से हार का सामना करना पड़ा था। दोनों टीमों के बीच रविवार को चेन्नई में दूसरा मुकाबला खेला जाएगा और अगर टीम को इस सीरीज में बने रहना है तो उसे बल्लेबाजी और फील्डिंग में सुधार करना होगा। भारत को शुक्रवार को हुए पहले मैच में कैच छूटने और बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन का खामियाजा भुगतना पड़ा जिससे टीम दक्षिण अफ्रीका के चार विकेट पर 189 रन के जवाब में 20 ओवर में चार विकेट पर 177 रन ही बना सकी।
दक्षिण अफ्रीका के इस मौजूदा दौरे में यह पहली जीत थी और इससे पहले उसे वनडे सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि एकमात्र टेस्ट में 10 विकेट से शिकस्त मिली थी। दोनों टीमों के लिए कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। भारत की ऋचा घोष और दक्षिण अफ्रीका की तजमिन ब्रिट्स को क्रमशः सिर में चोट और मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अनुसार ऋचा को कैच लेने में असफल रहने के बाद गर्दन में दर्द और चक्कर आया जिससे यह गेंद उनके चेहरे पर लगी। बीसीसीआई ने कहा, उन्हें स्कैन के लिए भेजा गया है और बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी प्रगति पर नजर रख रही है।
ब्रिट्स को अपने दाहिने पैर के निचले हिस्से में गंभीर चोट के कारण स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। हालांकि वह मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में आईं थी और उन्होंने पुष्टि की कि वह आगामी मैचों में खेलने के लिए तैयार हैं। मेजबान टीम के लिए उनका गेंदबाजी प्रदर्शन अच्छा रहा लेकिन खराब क्षेत्ररक्षण ने चिंता बढ़ा दी जिसमें तीन कैच छूटे और कुछ गलत क्षेत्ररक्षण हुआ।
शीर्ष क्रम को बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत
स्मृति मंधाना को छोड़कर भारत के बाकी बचे बल्लेबाजी शीर्ष क्रम को और बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है। कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स की बदौलत हालांकि भारतीय मध्यक्रम प्रभावी रहा है जिन्होंने शुक्रवार को क्रमश: 35 और नाबाद 53 रन बनाए।दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका ने बल्लेबाजी में विशेषकर शीर्ष क्रम ने अच्छा प्रदर्शन किया। शुक्रवार को चेपॉक की पिच औसत से बेहतर थी और रविवार को भी कमोबेश ऐसी ही रहने की उम्मीद है।