भारतीय टीम बारबाडोस में होने वाले टी20 विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका की चुनौती से पार पाने के लिए पूरी तरह तैयार है। दोनों ही टीमें टूर्नामेंट में अब तक अजेय चल रही हैं और ट्रॉफी जीतने की प्रबल दावेदार हैं। भारत ने पिछले दो मैचों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है उससे टीम प्रबंधन संतुष्ट होगा, लेकिन स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की फॉर्म अब भी चिंता का विषय बनी हुई है।
इस विश्व कप में विराट की पारियां
इस विश्व कप में विराट ने आयरलैंड के खिलाफ एक रन, पाकिस्तान के खिलाफ चार रन, अफगानिस्तान के खिलाफ 24 रन और बांग्लादेश के खिलाफ 37 रन बनाए थे। वहीं, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के खिलाफ विराट खाता नहीं खोल सके। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ कोहली के बल्ले से नौ रन निकले थे। इस विश्व कप में उन्हें दाएं हाथ के तेज गेंदबाजों ने चार बार आउट किया है। इनमें मार्क अडेयर (आयरलैंड), नसीम शाह (पाकिस्तान), तंजीम हसन शाकिब (बांग्लादेश) और जोश हेजलवुड (ऑस्ट्रेलिया) शामिल हैं। वहीं, बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों ने इस टी20 विश्व कप में दो बार पवेलियन भेजा है। इनमें सौरभ नेत्रवलकर (अमेरिका) और रीस टॉप्ली (इंग्लैंड) शामिल हैं। एक बार विराट कलाई के स्पिनर की गेंद पर आउट हुए हैं। अफगानिस्तान के राशिद खान ने उन्हें आउट किया था।
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका
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टी20 विश्व कप के फाइनल में सर्वोच्च स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज हैं कोहली
कोहली का बल्ला भले ही इस टूर्नामेंट में अब तक खामोश रहा है, लेकिन इस टूर्नामेंट के फाइनल में वह भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ 2014 टी20 विश्व कप के फाइनल में 58 गेंदों पर 77 रनों की पारी खेली थी। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 133 का रहा था। हालांकि, कोहली की पारी के बावजूद टीम को मुकाबला नहीं जीत सकी थी। कोहली के बाद गौतम गंभीर का नंबर आता है जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2007 टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में 75 रनों की पारी खेली थी जिसके दम पर भारत चिर प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ चुनौतपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रहा था। कोहली और गंभीर ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारत के लिए इस वैश्विक टूर्नामेंट के फाइनल में अर्धशतक जड़ा है।