भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सेंचुरियन में तीन टेस्ट की सीरीज का पहला मैच खेला जा रहा है। इस टेस्ट के तीसरे दिन भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत ने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह विकेट के पीछे सबसे तेज 100 शिकार करने वाले भारतीय विकेटकीपर बने। उन्होंने 26 टेस्ट में यह रिकॉर्ड बनाया। इस मामले में पंत ने पूर्व विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी और ऋद्धिमान साहा का रिकॉर्ड तोड़ा।
उत्तराखंड राज्य के ब्रांड अंबेस्डर बने पंत
24 साल के पंत उत्तराखंड के रहने वाले हैं और हाल ही में उन्हें राज्य का ब्रांड अंबेस्डर बनाया गया है। इसके बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बधाई देने के लिए ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा- दक्षिण अफ्रीका में खेले जा रहे टेस्ट मैच में उत्तराखंड के सपूत और राज्य के ब्रांड अंबेस्डर ऋषभ पंत द्वारा बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सबसे तेज '100 विकेट' लेने वाले भारतीय विकेटकीपर बनने पर हार्दिक बधाई।
मुख्यमंत्री का ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल
मुख्यमंत्री के इस ट्वीट में बाकी सारी चीजें सही लिखी हैं, लेकिन उन्होंने पंत को 100 विकेट लेने की बधाई दी है, जबकि पंत गेंदबाज नहीं, बल्कि विकेटकीपर हैं। इस ट्वीट के बाद फैंस ने रिप्लाई किया और लिखा कि पंत गेंदबाज नहीं विकेटकीपर हैं। उन्हें इतना भी नहीं पता। विकेट के पीछे शिकार करने से मतलब है स्टंप आउट, कैच आउट और रन आउट करना। इस ट्वीट को सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस ने वायरल कर दिया।
सबसे कम टेस्ट में 100 शिकार करने वाले विकेटकीपर
पंत, धोनी और साहा के बाद भारत के लिए सबसे कम टेस्ट में विकेट के पीछे 100 शिकार करने का रिकॉर्ड नयन मोंगिया के नाम है। उन्होंने 100 शिकार करने के लिए 41 टेस्ट लिए। वहीं, 1983 विश्व कप विजेता टीम के हिस्सा रहे विकेटकीपर सैयद किरमानी ने 42 टेस्ट में 100 शिकार पूरे किए थे। ओवरऑल विश्व में सबसे तेज 100 शिकार करने का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीकी विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक के नाम है। उन्होंने 22 टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल की।