भारतीय क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर सूची में वेंकटेश अय्यर नया नाम हैं। उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी-टी 20 सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड में चुना गया है। मध्यप्रदेश के क्रिकेटर वेंकटेश के लिए आईपीएल 2021 का दूसरा चरण बेहद शानदार रहा। उन्होंने कोलकाता नाइटराइडर्स के लिए सलामी बल्लेबाजी करते हुए तेजी से रन बनाए और साथ ही मध्यम तेज गेंदबाजी करते हुए विकेट भी हासिल किए। यही कारण रहा कि चयनकर्ताओं ने उनपर भरोसा जताते हुए उन्हें हार्दिक पांड्या की जगह टीम में शामिल किया।
26 वर्षीय वेंकटेश ने आईपीएल से पहले घरेलू क्रिकेट में भी अलग-अलग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि ऐसा नहीं है कि अय्यर सिर्फ क्रिकेट में ही ऑलराउंडर हैं, बल्कि वह पढ़ाई में भी बहुत शिक्षित हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके पास फाइनेंस में एमबीए डिग्री है, इसके अलावा उन्होंने सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) का इंटर टेस्ट भी पास किया है। फाइनेंस में एमबीए डिग्री हासिल करने के बाद अय्यर को बहुराष्ट्रीय कंपनी डेलोइट ने नौकरी की पेशकश की थी लेकिन अपने माता-पिता से हौसलाअफजाई के बाद उन्होंने क्रिकेट खेलना जारी रखा।
भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की संख्या अधिक नहीं रही है और अब हार्दिक पांड्या के चोटिल होने के बाद टीम में इस जगह की कमी भी दिखी है। यही कारण है कि भारतीय चयनकर्ताओं की नजर अब हार्दिक के विकल्प ढूंढने पर है और इसके लिए फिलहाल उन्होंने वेंकटेश पर भरोसा जताया है। वेंकटेश खुद भी इस बात को अच्छे से जानते हैं और कहते हैं कि अपनी अहमियत बनाए रखनी है तो खेल के दोनों पहलुओं यानी गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों पर ध्यान देना होगा। वेंकटेश को पता है कि भविष्य में उनके लिए काम के बोझ का प्रबंधन (वर्कलोड मैनेजमेंट) करना अहम पहलू रहेगा।
वेंकटेश ने अपने चयन के बाद पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘अब तक काम के बोझ का मेरा प्रबंधन अच्छा रहा है। मैं ऑलराउंडर हूं, इसलिए मुझे खेल के दोनों पहलुओं पर बराबर ध्यान देना पड़ता है। आयु वर्ग के टूर्नामेंटों में राज्य स्तर पर खेलने के दौरान से ही मैं ऐसा करता रहा हूं। अब तक यह मेरे लिए बहुत बड़ा मुद्दा नहीं रहा है।'
अय्यर अलग-अलग फॉर्मेट में अपना कौशल दिखाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने हमेशा लाल गेंद के अपने खेल पर कड़ी मेहनत की है और यह मेरा प्रयास रहा है कि मैं सिर्फ एक कौशल तक सीमित ना रहूं।'