कोरोना महामारी के खिलाफ स्वदेशी टीका कोवाक्सिन विकसित करने वाली हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने कोविड टीके की तीसरी खुराक लेने के लिए उचित समय की जानकारी दी है। कंपनी ने बताया है कि दूसरी और तीसरी खुराक के बीच कितना अंतर जरूरी है।
कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ इस समय हमारे पास कई टीके उपलब्ध हैं। इनमें से अधिकतर टीके दो खुराक वाले हैं। वहीं, हाल के दिनों में इस बीमारी से और बेहतर सुरक्षा के लिए टीके की तीसरी खुराक देने पर भी चर्चा तेज हुई है। इस तीसरी खुराक को बूस्टर डोज भी कहा जा रहा है।
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इस महामारी के खिलाफ स्वदेशी टीका कोवाक्सिन विकसित करने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने भी तीसरी खुराक को लेकर अपनी राय साझा की है। कंपनी ने टीके की तीसरी खुराक लेने के लिए सही समय की जानकारी दी है और बताया है कि दूसरी खुराक के बाद कितना अंतर जरूरी है।
भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला ने बुधवार को कहा कि कोरोना रोधी टीके की तीसरी खुराक, दूसरी खुराक दिए जाने के छह माह बाद ही दी जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कोरोना की नेजल वैक्सीन (नाक से लिए जाने वाले टीके) की अहमियत पर भी जोर दिया।