भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड को 1-0 से हरा दिया है। लंबी तैयारी के बावजूद कीवी टीम इस सीरीज में कुछ खास नहीं कर पाई और पहला टेस्ट ड्रॉ कराने के बाद दूसरे टेस्ट में उसे हार का सामना करना पड़ा।
न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत ने 1-0 से जीत दर्ज कर आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में पहला पायदान हासिल कर लिया है। इस सीरीज से पहले कीवी टीम ने लंबे समय तक तैयारी की थी और कप्तान विलियमसन सहित कई खिलाड़ियों ने टी-20 सीरीज से ब्रेक भी लिया था। हालांकि मैच में इस तैयारी का कोई फायदा नहीं दिखा और न्यूजीलैंड दूसरे मैच में पूरे चार दिन भी नहीं खेल पाई। पहला टेस्ट भी कीवी टीम बड़ी मुश्किल से बचा पाई थी। भारत के स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ न्यूजीलैंड के बल्लेबाज एक बार फिर बेबस नजर आए। वहीं श्रेयस अय्यर और मयंक अग्रवाल जैसे खिलाड़ियों ने मौके का भरपूर फायदा उठाते हुए शानदार बल्लेबाजी की।
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इस सीरीज में भारत के दिग्गज बल्लेबाज तो फेल हुए लेकिन युवा बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी करके टीम को मुश्किल हालातों से निकाला। वहीं फिरकी गेंदबाज हमेशा की तरह अपनी लय में दिखे और न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। यहां हम बता रहे हैं कि इतनी तैयारी के बावजूद न्यूजीलैंड क्यों भारत में कोई मैच नहीं जीत पाई।
स्पिन गेंदबाजी का डर ले डूबा
एशिया के बाहर की कोई भी टीम जब भारत का दौरा करती है तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती स्पिन गेंदबाजों के डर से पार पाना होता है। अधिकतर टीमें स्पिनर्स को खेलने से पहले ही डरी हुई रहती हैं और उनके बल्लेबाज खुलकर बल्लेबाजी नहीं कर पाते। भारतीय स्पिनर इसका फायदा उठाकर और हावी होते चले जाते हैं। उनकी लय बेहतर होती है और एक के बाद विपक्षी बल्लेबाज दबाव में आकर गलतियां करते रहते हैं। न्यूजीलैंड के साथ भी ऐसा ही हुआ उन्होंने स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बहुत डरकर बल्लेबाजी की। किसी भी मैच में भारत के स्पिन गेंदबाजों ने ज्यादा रन नहीं दिए। इस वजह से कीवी टीम पर दबाव बना रहा।
वहीं दूसरे मैच में जैसे ही एजाज पटेल ने 10 विकेट अपने नाम किए वैसे ही कीवी बल्लेबाजों के हाथ पैर फूल गए। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज बचपन से ही स्विंग और सीम गेंद खेलते हैं। उन्हें तेज गेंदबाजों को खेलने की आदत होती है, लेकिन कीवी टीम सिराज के आगे ढेर हो गई। बाद में अश्विन और अक्षर ने बचा हुआ काम किया। वहीं दूसरी पारी में अश्विन के अलावा जयंत यादव को भी चार विकेट मिले।
भारत के युवा बल्लेबाजों ने किया कमाल
इस सीरीज में भारत के दिग्गज बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और विराट कोहली मिलकर 170 रन बनाए, जबकि मयंक अग्रवाल ने 242 और श्रेयस अय्यर ने 202 रन बनाए। भारत के दिग्गज बल्लेबाज एक बार फिर फ्लॉप रहे, लेकिन युवा बल्लेबाजों ने मुश्किल हालात से टीम को निकालकर कई बार जीत की नींव रखी। पहले मैच में श्रेयस ने शतक लगाकर भारत का स्कोर 300 के पार पहुंचाया और फिर दूसरी पारी में भी जरूरी बढ़त दिलाई। वहीं दूसरे मैच में मयंक अग्रवाल ने कमाल किया। इस बीच शुभमन गिल ने भी अपने बल्ले से काफी योगदान दिया।
अश्विन लय में लौटे, अक्षर और जयंत ने भी कमाल किया
इस सीरीज में रविचंद्रन अश्विन ने कमाल की गेंदबाजी की और सीरीज में 14 विकेट अपने नाम किए। पहले मैच में जब न्यूजीलैंड के ओपनिंग बल्लेबाजों ने बड़ी साझेदारी की थी तब भी उन्होंने एक छोर से रन नहीं दिए थे और दबाव बनाकर रखा था। इसी वजह से भारत की पकड़ मैच में बनी रही और अंत में टीम इंडिया जीत से सिर्फ एक विकेट दूर रह गई। वहीं दूसरे मैच में उन्होंने मौका मिलते ही शानदार गेंदबाजी की और आठ विकेट अपने नाम किए। उनके अलावा अक्षर पटेल ने भी सीरीज में नौ विकेट झटके। वहीं जडेजा और जयंत के नाम पांच-पांच विकेट रहे।
न्यूजीलैंड को अच्छे स्पिनर्स की कमी खली
कानपुर में हुए पहले टेस्ट और वानखेडे में हुए दूसरे मैच में भी पिच से स्पिन गेंदबाजों को काफी मदद मिल रही थी। इसके बावजूद न्यूजीलैंड के स्पिनर इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना पाए। दूसरे मैच में एजाज पटेल ने सभी 10 विकेट लेकर रिकॉर्ड जरूर बनाया, लेकिन इस पारी में भी भारत ने 325 रन बना लिए थे। वहीं पहले टेस्ट में जब कीवी तेज गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी की थी, तब किसी भी स्पिन गेंदबाज ने उनका साथ नहीं दिया। अगर न्यूजीलैंड के स्पिनर भी पहले मैच में अच्छी गेंदबाजी करते तो उनके पास मैच जीतने का मौका भी हो सकता था, लेकिन भारत को शुरुआती झटके देने के बाद कीवी टीम ने भारत को वापसी का मौका दिया।
दूसरे मैच में विलियमसन की कमी खली
न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज में आराम करने का फैसला किया था। इस दौरान वो टेस्ट सीरीज की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पहले मैच के बाद ही वो चोटिल होकर सीरीज से बाह हो गए। इससे पहले भी उन्होंने दो पारियों में कुछ खास नहीं किया था। हालांकि एक कप्तान और बल्लेबाज के रूप में विलियमसन बहुत महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। उनके मैदान पर रहने पर कीवी टीम अलग ही लय में दिखती है। न्यूजीलैंड के भारत दौरे में विलियमसन सिर्फ एक मैच खेले और उसी में कीवी टीम नहीं हारी। इसके अलावा बाकी चार मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। दूसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड को विलियमसन की कमी खली।