भारत और न्यूजीलैंड के बीच जारी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला पुणे में खेला जा रहा है। गुरुवार से शुरू हुए इस मैच में भारतीय टीम के घातक गेंदबाज वाशिंगटन सुंदर ने कहर बरपा रहे हैं। पहली पारी में उन्होंने एक-दो नहीं बल्कि सात विकेट झटके। वह रोहित और गंभीर के फैसले पर खरे उतरे।
टीम प्रबंधन के फैसले पर खरे उतरे सुंदर
महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। इस मैच में भारतीय टीम तीन बदलावों के साथ उतरी। शुभमन गिल की टीम में वापसी हुई। केएल राहुल और मोहम्मद सिराज को बाहर का रास्ता दिखाया गया जबकि वाशिंगटन सुंदर को प्लेइंग 11 में जगह मिली। वहीं, केएल की जगह सरफराज खान को टीम में बरकरार रखा गया। टीम प्रबंधन के ये फैसले कितने कारगर रहे ये तो भारत की बल्लेबाजी के बाद ही पता चलेगा, लेकिन सुंदर ने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया।
स्पिन ऑलराउंडर सुंदर ने न्यूजीलैंड ने अपनी घातक गेंदबाजी से आधे से ज्यादा टीम को पवेलियन लौटने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कुल सात विकेट लिए। वह पहली बार अपने करियर में पांच विकेट हॉल हासिल करने में कामयाब हुए। भारत के लिए खेले पिछले चार टेस्ट मुकाबलों में उन्होंने छह विकेट चटकाए थे।
टेस्ट मैचों में भारत बनाम न्यूजीलैंड के लिए सर्वश्रेष्ठ आंकड़े
न्यूजीलैंड के खिलाफ एक पारी में सर्वाधिक विकेट चटकाने के मामले में सुंदर चौथे गेंदबाज बन गए। इस मामले में शीर्ष पर एस वेंकटराघवन हैं जिन्होंने दिल्ली में 72 रन खर्च करते हुए आठ विकेट चटकाए थे। दूसरे स्थान पर ईएएस प्रसन्ना हैं जिन्होंने भी आठ विकेट हासिल किए थे। 2017 में अश्विन ने भी 59 रन खर्च करते हुए सात विकेट चटकाए थे।
मैच का हाल
न्यूजीलैंड की पहली पारी 259 रन पर सिमट गई। पहले टेस्ट के लिए स्क्वॉड में नहीं चुने गए वॉशिंगटन सुंदर को दूसरे स्क्वॉड के लिए अचानक टीम में बुलाया गया और उन्हें प्लेइंग-11 में भी शामिल किया गया। कुलदीप यादव की जगह उन्हें शामिल किया गया और टीम मैनेजमेंट के इस फैसले को सुंदर ने सही साबित करते हुए सात विकेट झटके हैं। उन्होंने 23.1 ओवर में 59 रन देकर सात विकेट झटके। इनमें पांच खिलाड़ियों को उन्होंने क्लीन बोल्ड किया। एक एल्बीडब्ल्यू और एक कैच आउट रहा। बाकी के तीन विकेट रविचंद्रन अश्विन ने लिए। सुंदर ने रचिन रवींद्र, डेरिल मिचेल, टॉम ब्लंडेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम साउदी, एजाज पटेल और मिचेल सैंटनर को आउट किया है। वहीं, अश्विन ने कप्तान टॉम लाथम, विल यंग और डेवोन कॉनवे को पवेलियन भेजा।
कॉनवे ने सबसे ज्यादा 76 रन बनाए। वहीं, रचिन रवींद्र ने 65 रन बनाए। इन दोनों के अलावा कोई भी 35+ रन का आंकड़ा नहीं छू सका। लाथम 15 रन, विल यंग 18 रन, डेरिल मिचेल 18 रन, टॉम ब्लंडेल तीन रन, ग्लेन फिलिप्स नौ रन, टिम साउदी पांच रन और एजाज पटेल चार रन बनाकर आउट हुए। यह सुंदर का बेस्ट स्पेल है। यह उनका टेस्ट में पहला फाइफर है। यह छठी बार है जब भारत में किसी टेस्ट के पहले दिन स्पिनर्स ने पहली पारी में विपक्षी टीम के सभी 10 बल्लेबाजों को आउट किया हो। इस साल ऐसा दूसरी बार हुआ है। इससे पहले धर्मशाला में भारतीय स्पिनर्स ने इंग्लैंड की पहली पारी में सभी 10 विकेट लिए थे। फिलहाल भारत के ओपनर्स रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल क्रीज पर हैं।