इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के चौथे मुकाबले में यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर से बेहतरीन बल्लेबाजी की। उन्होंने 117 गेंद पर 73 रन बनाए। इस दौरान यशस्वी ने आठ चौके और एक छक्का लगाया। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 353 रन पर सिमट गई। उसके बाद दूसरे दिन खेल समाप्ति के समय भारत ने पहली पारी में सात विकेट पर 219 रन बना लिए हैं। वह पहली पारी में अभी भी 134 रन पीछे है।
यशस्वी ने अपनी 73 रन की पारी के दौरान कई उपलब्धियां हासिल की। वह एक कैलेंडर ईयर में भारत के लिए टेस्ट फॉर्मेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उनके 2024 में अब तक 23 छक्के हो गए हैं। वीरेंद्र सहवाग ने 2008 में 22 छक्के लगाए थे। यशस्वी के पास इस मामले में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और कोच ब्रैंडन मैकुलम को पीछे छोड़ने का मौका है। स्टोक्स ने 2022 में 26 और मैकुलम ने 2014 में 33 छक्के लगाए थे। यशस्वी इस साल मैकुलम का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।
यशस्वी जायसवाल
- फोटो : BCCI
इस मामले में द्रविड़ से आगे निकले यशस्वी
यशस्वी के इस सीरीज में सात पारियों में अब तक 618 रन हो गए हैं। वह भारत के लिए इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट सीरीज में 600 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले भारत के मौजूदा कोच राहुल द्रविड़ और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ऐसा कर चुके हैं। द्रविड़ ने 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 602 रन बनाए थे। यशस्वी ने उन्हें पीछे छोड़ दिया है। अब उनके निशाने पर कोहली का रिकॉर्ड है। विराट ने 2016/17 में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में 655 रन बनाए थे।
खास क्लब में शामिल हुए यशस्वी
यशस्वी भारत के लिए एक टेस्ट सीरीज में 600 या उससे अधिक रन बनाने वाले पांचवें खिलाड़ी भी बन गए। कोहली, सुनील गावस्कर और राहुल द्रविड़ अपने करियर के में दो-दो बार ऐसा कर चुके हैं। इनके अलावा दिलीप सरदेसाई ने भी एक टेस्ट सीरीज में 600 रन का आंकड़ा पार किया है।
यशस्वी जायसवाल
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ब्रैडमैन-सोबर्स के क्लब में यशस्वी
यशस्वी अभी 23 साल के भी नहीं हुए हैं। वह 23 साल पूरे होने से पहले एक टेस्ट सीरीज में 600 या उससे अधिक रन बनाने वाले सातवें खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन, वेस्टइंडीज के गैरी सोबर्स, सुनील गावस्कर, दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ, वेस्टइंडीज के जॉर्ज हेडली और ऑस्ट्रेलिया के नील हार्वे यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।