हैदराबाद में गिल ने 23, 0 और श्रेयस ने 35, 13 रन की पारियां खेली थीं। राहुल और विराट के नहीं खेलने से नंबर चार के महत्वपूर्ण स्थान के लिए भी सिरदर्दी बढ़ेगी। देखना होगा कि यहां श्रेयस को मौका दिया जाता है या फिर रजत पाटीदार और सरफराज खान में से एक को मौका दिया जाता है।
इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में हार और विराट कोहली, केएल राहुल, रविंद्र जडेजा की अनुपलब्धता ने भारतीय टीम प्रबंधन के लिए शुक्रवार से शुरू होने जा रहे दूसरे टेस्ट के लिए एक नहीं कई सिरदर्दियां बढ़ा दी हैं। सबसे बड़ी चिंता का विषय प्रमुख बल्लेबाज शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर की खराब फॉर्म है। इन दोनों क्रिकेटरों का पिछली 10 टेस्ट पारियों में प्रदर्शन दयनीय रहा है। गिल ने पिछली 10 टेस्ट पारियों में 160 और श्रेयस ने सिर्फ 131 रन बनाए हैं। ये दोनों बल्लेबाज अगर दूसरे टेस्ट में भी नहीं चले तो भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। हालांकि टीम के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ का कहना है कि ये युवा क्रिकेटर हैं और इन्होंने ज्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है। इनके साथ धैर्य रखने की जरूरत है। गिल ने 21 और श्रेयस ने अब तक 13 टेस्ट मैच खेले हैं। राठौड़ ने यहां तक कहा कि उन्हें यकीन है कि युवा क्रिकेटर जल्द बड़ी पारियां खेलेंगे।
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गिल-श्रेयस का अच्छा प्रदर्शन जरूरी
दूसरे टेस्ट में भारत की सफलता गिल और श्रेयस के प्रदर्शन के इर्द-गिर्द घूमेगी। हैदराबाद में गिल ने 23, 0 और श्रेयस ने 35, 13 रन की पारियां खेली थीं। राहुल और विराट के नहीं खेलने से नंबर चार के महत्वपूर्ण स्थान के लिए भी सिरदर्दी बढ़ेगी। देखना होगा कि यहां श्रेयस को मौका दिया जाता है या फिर रजत पाटीदार और सरफराज खान में से एक को मौका दिया जाता है। सिर्फ यही नहीं जडेजा के बाहर होने से टीम प्रबंधन को शीर्ष क्रम के बल्लेबाजी क्रम में बड़ा परिवर्तन करना होगा। जडेजा हैदराबाद में नंबर छह के स्थान पर खेले थे। वैसे तो यह क्रम संपूर्ण बल्लेबाज के लिए है। देखना होगा कि अक्षर पटेल, केएस भरत में से इस क्रम पर किसे मौका दिया जाता है।
सरफराज, रजत दोनों फार्म में हैं
सिरदर्दी सिर्फ क्रम को लेकर नहीं बल्कि चयन को लेकर भी है। राहुल की जगह पर टीम में मुंबई के सरफराज खान को शामिल किया गया है। सरफराज इंग्लैंड लॉयंस के खिलाफ 161 रन की ताबड़तोड़ पारी खेल कर आए हैं, जबकि मध्य प्रदेश के रजत पाटीदार हैदराबाद टेस्ट से ही टीम में शामिल हैं। कोच विक्रम राठौड़ भी मानते हैं कि दोनों में से एक का चयन मुश्किल काम है। हालांकि चयन राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा को करना है, लेकिन दोनों में एक को चुनना वाकई कठिन है।
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आक्रमकता की बजाय जज्बे को देंगे प्राथमिकता
पहले टेस्ट में बैजबॉल (आक्रामक खेल) रणनीति के सफल रहने से इंग्लैंड के हौसले बुलंद हैं, लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन बैजबॉल का जवाब आक्रमकता से नहीं देने जा रहा है। विक्रम राठौड़ का कहना है कि उन्हें दूसरे टेस्ट में बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जज्बे के साथ क्रिकेट खेलने और आक्रामक क्रिकेट खेलने में अंतर है। वह चाहते हैं कि उनके बल्लेबाज जज्बे के साथ खेलें। अगर रन बनाने का मौका है तो इसका फायदा उठाना चाहिए। बल्लेबाज को पिच और परिस्थितियों को देखकर बल्लेबाजी करनी होगी। राठौड़ ने कहा कि हैदराबाद में उनके अनुसार हार बललेबाजी में अनुशासन की कमी के चलते मिली।
स्वीप शॉट को नहीं बनाएंगे हथियार
इंग्लैंड ने हैदराबाद टेस्ट में स्वीप, रिवर्स स्वीप और रिवर्स दिलस्कूप के जरिए जडेजा और अश्विन की लय बिगाड़ दी थी, राठौड़ ने इंग्लैंड की बल्लेबाजी की सराहना भी की, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि भारतीय बल्लेबाज भी इस सीरीज में इंग्लैंड के स्पिनरों के खिलाफ स्वीप शॉट का इस्तेमाल करेंगे। राठौड़ का कहना है कि कोई बल्लेबाज रातों-रात यह शॉट खेलना नहीं शुरू कर सकता है। इसके लिए अभ्यास करना होता। उन्होंने यह बात भी कही कि अगर आप अपने खेल में अधिक शॉट जोड़ोगे तो यह हमेशा फायदेमंद होता है।