जसप्रीत बुमराह मौजूदा समय में शानदार फॉर्म में हैं और वह 22 मैचों में 95 विकेट ले चुके है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वह अपनी यह फॉर्म इंग्लैंड के खिलाफ हे़डिंग्ले में खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट में भी बरकरार रखेंगे। साल 1983 में भारत को विश्व कप जिताने वाले कप्तान कपिल देव ने 25 टेस्ट मैचों में यह उपलब्धि हासिल की थी। अगर बुमराह यह उपलब्धि हासिल करते हैं तो वह वेंकटेश प्रसाद 95 विकेट और मनोज प्रभाकर 96 टेस्ट विकेट को भी पछाड़ देंगे।
बीते दिनों इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स पर खेला गया टेस्ट मैच बुमराह के लिए काफी शानदार रहा। इस मैच में उन्होंने न सिर्फ गेंदबाजी में कमाल किया बल्कि बल्लेबाजी करते हुए मोहम्मद शमी के साथ 89 रनों की साझेदारी की जिसके बाद इंग्लैंड के जबड़े से जीत खींच ली। भारत ने इस मुकाबले में इंग्लैंड को 151 रनों के भारी अंतर से हराया था।
इससे पहले लॉर्ड्स टेस्ट में जसप्रीत बुमराह को जेम्स एंडरसन के खिलाफ बीमर गेंदबाजी करने के लिए इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने निशाना बनाया था। यह तब शुरू हुआ था जब मार्क वुड ने बुमराह के बॉलिंग मार्ग पर लौटते हुए नॉन स्ट्राइकर छोर पर कुछ कहा। यह बुमराह के लिए अच्छा नहीं था और उन्होंने तुरंत मैदानी अंपायरों से शिकायत की। इस दौरान रूट और बटलर भी वहां पहुंचे यह जानने के लिए कि बुमराह क्या शिकायत कर रहे हैं।
हालांकि इस दौरान इंग्लैंड ने कुछ भी करने की कोशिश की हो लेकिन उसका उलटा असर इंग्लिश टीम पर पड़ा। भारतीय टीम के पुछल्ले बल्लेबाजों ने 33 रन जोड़ कर भारत की बढ़त को 200 रन से ज्यादा कर दी। बुमराह को इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्होंने तीसरे दिन बल्लेबाजी कर रहे जेम्स एंडरसन पर बुमराह ने बाउंसर गेंदें फेंकी थीं। इसके बाद चौथे दिन एंडरसन ने विराट के साथ स्लेजिंग की लेकिन उन्हें मुंहतोड़ जवाब मिला।