ऋषभ पंत अभी 23 साल के और उनकी तुलना ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट की जाती है। पंत और गिलक्रिस्ट के बारे में अक्सर एक ही वाक्य में बात की गई है, यह देखते हुए कि भारत के कीपर की बल्लेबाजी ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज से कितनी मिलती-जुलती है। पंत की खासियत यह है कि वह गेंदबाजों पर हावी होकर खेलते हैं जिसमें गिलक्रिस्ट को भी महारत हासिल थी। शुक्रवार को लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की उसे देख पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर डेविड लॉयड को लगता है कि यह युवा खिलाड़ी अपने शॉट्स खेलते समय सबसे प्रभावी है।
दूसरे दिन की शुरुआत में भारत ने लगातार दो ओवर में केएल राहुल और अजिंक्य रहाणे के विकेट खो दिए। इसके बावजूद पंत ने इंग्लैंड के बॉलर ओली रॉबिंसन और जेम्स एंडरसन पर अपना प्रहार करना जारी रखा। इस दौरान उन्होंने 58 गेंदों पर 37 रन बनाए जिनमें उनके पांच चौके भी शामिल थे। पंत ने इस दौरान इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की जरा भी परवाह नहीं की और उनके खिलाफ कदमों का इस्तेमाल करते हुए रन बटोरे। उन्होंने रवींद्र जडेजा के साथ 49 रनों की साझेदारी की।
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर डेविड लॉयड ने डेली मेल में लिखा, ऋषभ पंत जब बल्लेबाजी करने आए तो इंग्लैंड भारत के दो विकेट जल्दी आउट कर चुका था। दिनेश कार्तिक ने मुझसे पूछा एक पूर्व कोच होने के नाते क्या आप पंत पर लगाम लगाना चाहेंगे, मैंने कहा नहीं, स्थिति चाहे जो भी हो विपक्ष पर हमला करना उनकी भूमिका है, पंत मुझे एडम गिलक्रिस्ट की याद दिलाता है, उनकी कोई कमजोरी नहीं है।
अपने छोटे से टेस्ट करियर में पंत इस तरह की पारी कई बार खेल चुके हैं। साउथम्पटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के दौरान उन्होंने टीम इंडिया की दूसरी इनिंग्स में 88 गेंदों पर 41 रनों की पारी खेली थी। इस दौरान वह एक बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में आउट हुए थे। जिसके बाद कर्ई पूर्व क्रिकेटरों ने उनकी आलोचना की थी। लेकिन लॉयड का मानना है कि पंत सर्वश्रेष्ठ हैं और वह अपनी आक्रामक शैली को रोकने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।