इंग्लैंड के खिलाफ जारी आखिरी टेस्ट मैच में भारत के लिए डेब्यू करने वाले देवदत्त पडिक्कल जबरदस्त फॉर्म में नजर आ रहे हैं। उन्होंने विरोधी टीम के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के पहले मैच में जोरदार अर्धशतक जड़ा। इससे पहले रणजी में भी उन्होंने दमदार प्रदर्शन किया था।
केरल के बल्लेबाज ने रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में तीन शतकों की मदद से 556 रन बनाए। उन्होंने पंजाब, गोवा और तमिल नाडु के खिलाफ शतक जड़े। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 76.9 और औसत 92.66 का रहा। ऐसा ही नजारा भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट में भी देखने को मिला।
रणजी के बाद डेब्यू टेस्ट में गरजा पडिक्कल का बल्ला
देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में भारत के लिए 65 रन बनाए। नंबर चार उतरे इस बल्लेबाज ने 10 चौके और एक छक्का लगाया। इससे पहले उन्होंने रणजी में पंजाब के खिलाफ 193, गुजरात के खिलाफ पहली पारी में 42 और दूसरी पारी में 31, गोवा के खिलाफ 103 और तमिल नाडु के खिलाफ पहली पारी में 151 और दूसरी पारी में 36 रन बनाए।
37 साल बाद नंबर चार पर डेब्यू करने वाले पहले बल्लेबाज बने पडिक्कल
केरल के बाएं हाथ के बल्लेबाज को पहले टेस्ट में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी का मौका मिला जिस पर दो दशकों को विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज बल्लेबाजों का कब्जा रहा। 1988 के बाद इस स्थान पर डेब्यू करने वाले पडिक्कल पहले भारतीय बल्लेबाज बने। उनसे पहले इस स्थान पर डब्ल्यूवी रमन ने डेब्यू किया था। उनसे पहले सिर्फ आठ भारतीय बल्लेबाज, सीके नायडू, विजय हजारे, हेमू अधिकारी, रामनाथ केनी, अपूर्व सेनगुप्ता, मंसूर अली खान पटौदी, गुंडप्पा विश्वनाथ और रमन ने अपने डेब्यू टेस्ट में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की थी।
दूसरे दिन का खेल खत्म, भारत को मिली 255 रन की बढ़त
इसके जवाब में भारत ने रोहित शर्मा और शुभमन गिल के शतकों की बदौलत पहली पारी में दूसरे दिन आठ विकेट खोकर 473 रन बनाए। फिलहाल कुलदीप यादव 27 और जसप्रीत बुमराह 19 रन बनाकर नाबाद हैं। ऐसे में टीम इंडिया की बढ़त 255 रन की हो चुकी है। भारतीय टीम इस बढ़त को तीसरे दिन और आगे बढ़ाना चाहेगी। दिलचस्प बात यह है कि टॉप ऑर्डर के सभी बल्लेबाजों ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं। भारत के शीर्ष-5 बल्लेबाजों ने 15 साल बाद यह कमाल दिखाया।