भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला रांची में खेला जा रहा है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लिश टीम ने अपनी पहली पारी में 353 रन बनाए थे। जवाब में एक वक्त भारतीय टीम ने 161 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। यशस्वी जायसवाल तब 73 रन बनाकर आउट हुए थे। ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया इंग्लैंड के स्कोर से काफी पीछे रह जाएगी। तब पिच पर एक ऐसा बल्लेबाज आया जिसने टीम इंडिया को अपने दम पर इस मुश्किल परिस्थिति से निकालने की ठान ली थी। यह बल्लेबाज कोई और नहीं बल्कि ध्रुव जुरेल थे। उन्होंने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर एक ऐसी पारी खेली जिसे आने वाले समय काफी याद किया जाएगा। वह शतक से 10 रन से चूक गए, लेकिन हर फैन का दिल जरूर जीत लिया।
जुरेल ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ की साझेदारी
ध्रुव जुरेल
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यशस्वी के आउट होने के बाद सरफराज खान और अश्विन भी पवेलियन लौट गए। फिर ध्रुव ने कुलदीप यादव के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए 76 रन की साझेदारी निभाई और भारत को 250 के पार पहुंचाया। फिर आकाश दीप के साथ नौवें विकेट के लिए 40 रन की साझेदारी निभाई। जुरेल ने इस दौरान इंग्लैंड के स्पिनर्स टॉम हार्टले और शोएब बशीर की गेंदों पर जमकर छक्के लगाए। उन्होंने टेस्ट और अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्धशतक जड़ा। यह इस पूरी सीरीज में दोनों टीमों के विकेटकीपर की ओर से पहला अर्धशतक भी रहा। वह 90 पर आखिरी विकेट के रूप में आउट हुए। हालांकि, उनकी पारी इतनी जबरदस्त थी कि विपक्षी टीम के खिलाड़ियों ने उन्हें आकर बधाई दी और दर्शकों ने स्टैंडिंग ओवेशन दिया। ड्रेसिंग रूम में मौजूद भारतीय खिलाड़ी और स्टाफ ने भी उनके लिए खड़े होकर ताली बजाई।
भरत नहीं, अब ध्रुव पर है भरोसा
ध्रुव जुरेल
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यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ध्रुव की महज दूसरी पारी थी। महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद ऋषभ पंत के रूप में भारत को एक खास विकेटकीपर बल्लेबाज मिला था। हालांकि, वह दिसंबर 2022 में कार दुर्घटना का शिकार हुए और तब से टीम इंडिया से बाहर हैं। इसके बाद से टीम इंडिया एक स्पेशलिस्ट विकेटकीपर बल्लेबाज की तलाश में था। केएस भरत को लगातार कुछ मौके दिए गए। उन्हें सात टेस्ट में खेला गया, जिसकी 12 पारियों में उन्होंने 20 की औसत से 221 रन बनाए। इसमें न तो कोई अर्धशतक है और न ही कोई शतक। जो भरत इतने मौके मिलने के बाद भी नहीं कर पाए, वह जुरेल ने अपनी दूसरी पारी में ही कर दिखाया। वह अब तक टेस्ट की दो पारियों में 68 की औसत से 136 रन बना चुके हैं। इसमें एक अर्धशतक भी शामिल है।
गावस्कर ने की तारीफ
ध्रुव जुरेल
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जुरेल ने 90 रन की अपनी पारी में जो दृढ़निश्चय दिखाया, उसकी जमकर तारीफ हो रही है। इससे पहले राजकोट टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 46 रन बनाए थे। यह उनकी डेब्यू पारी भी थी। सुनील गावस्कर और अनिल कुंबले ने तो उनकी तुलना धोनी तक से कर दी है। अपनी पारी में उन्होंने छह चौके और चार छक्के लगाए। जुरेल की तारीफ करते हुए गावस्कर ने धोनी को याद किया। भारतीय दिग्गज ने कहा कि जुरेल की दिमागी क्षमता उन्हें यह सोचने पर मजबूर करती है कि भारत के पास अगला धोनी हो सकता है। गावस्कर ने राजकोट में बेन डकेट को रन आउट करने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि थ्रो बढ़िया नहीं था, लेकिन सूझबूझ से जूरेल ने डकेट को रन आउट कर दिया।
कुंबले ने जमकर की तारीफ
टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज कुंबले ने धोनी के गृहनगर में शानदार पारी खेलने के लिए जूरेल की सराहना की। कुंबले ने आधिकारिक ब्रॉडकास्टर से कहा, 'यह पारी इससे बेहतर जगह पर नहीं हो सकती थी। यह एमएस धोनी का शहर है। व भारत के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर और कप्तान हैं। एक विकेटकीपर बल्लेबाज के लिए यहां आना बहुत खास है।'