भारतीय वायुसेना ने उन खबरों से इनकार किया है कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के साथ वायुसेना के रिश्ते खत्म हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, तेंदुलकर वायुसेना परिवार के साथ बने रहेंगे। उन्होंने यह भी माना कि तेंदुलकर के पास तारीखों में टकराव के कारण वायुसेना के कार्यक्रम में भाग लेने का समय नहीं रहता है।
वायुसेना से जुड़े सूत्र ने कहा, 'तेंदुलकर अभी भी भारतीय वायुसेना के मानद ग्रुप कैप्टन हैं। उन्हें ब्रैंड एंबेस्डर नहीं बनाया जा सकता, लेकिन वह वायुसेना का हिस्सा बने हुए हैं।'
सचिन को वायुसेना ने दिया दूसरा झटका
सूत्र ने बताया कि भारतीय वायुसेना तारीखों में टकराव के कारण उनका उपयोग करने में असमर्थ है।
इससे पहले ऐसी खबरें आई थी कि वायुसेना ने इस दिग्गज बल्लेबाज को ब्रैंड एंबेस्डर से हटा दिया है। लेकिन तेंदुलकर के साथ ग्रुप कैप्टन का पद जुड़ा रहेगा।
वायुसेना ने सचिन को 2011 में ग्रुप कैप्टन की मानद रैंक से अलंकृत किया था और उसके बाद से युवाओं को पायलट बनने और वायुसेना में आकर्षित करने के लिए उनके पोस्टर लगाए गए थे।
अब वायुसेना ने अपने तमाम प्रचार अभियान में तेंदुलकर को हटाकर उनके स्थान पर यह दर्जा बेसिक ट्रेनर विमान पिलाटस को दे दिया है। और तो और वायुसेना की प्रचार शाखा दिशा में भी ब्रांड एंबेसडर के तौर पर वायु सैनिक की वर्दी पहनकर लगाया गया सचिन का चित्र हटा दिया गया है और उनके स्थान पर नीले रंग के नए विमान का चित्र लगाया गया है।
वायुसेना की ओर से सचिन को यह लगातार दूसरा झटका था। इससे पहले वायुसेना प्रमुख एनएके ब्राउन ने यह कहकर उनकी सुखोई में उड़ान भरने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया था कि वायुसेना का बहुत व्यस्त कार्यक्रम है और उनके पास इस तरह की उड़ानों के लिए फुर्सत नहीं है।