बाएं हाथ का यह धाकड़ बल्लेबाज जिस अंदाज में दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की धुनाई कर रहा था उससे यही लग रहा था कि वह क्रिकेट जगत में नया कीर्तिमान रच देगा।
सोमवार को दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ मुकाबले के दौरान शिखर धवन जब वह आउट हुए उस समय भारतीय पारी में 32 गेंदें और फेंकी जानी थी और उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा लग रहा था कि वह आराम से तिहरा शतक जमा देंगे।
लेकिन 150 गेंदों में 248 रन बनाने के बाद वह कैच आउट हो गए और उनके आउट होते ही एक नया विश्व रिकॉर्ड बनते-बनते रह गया।
रोमांचक मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराया
धवन ने प्रिटोरिया में हुए एक दिवसीय मुकाबले में जब दोहरा शतक लगाया तो उस समय उन्हें मालूम था कि 50-50 ओवर के फॉर्मेट में इस मुकाम तक पहुंचने वाले मात्र तीसरे भारतीय बल्लेबाज हैं।
इससे पहले सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग ही इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं और दोनों ने वनडे क्रिकेट में दोहरे शतक लगाए हैं।
तिहरे शतक का मौका चूकने वाले धवन ने अपनी धमाकेदार पारी के बाद बीसीसीआई डॉट टीवी से कहा, 'मैं इस रिकॉर्ड से वाकिफ था और यह मुकाम हासिल करना मेरे लिए स्पेशल होता। जब मैं 44वें ओवर में आउट हुआ उस समय मुझे लगा कि अगर मैं अंत तक बल्लेबाजी करता तो मेरे पास तिहरा शतक जमाने का मौका होता। मैं अपने इस स्कोर से भी खुश हूं।'
अफ्रीका में गरजे शिखर धवन, बनाया नया रिकॉर्ड
भारत ए के कोच लालचंद राजपूत ने भी धवन के बल्लेबाजी की तारीफ की।
जब धवन को बताया गया कि वह अब तेंदुलकर और सहवाग की कतार में आ गए हैं, तो इस पर उन्होंने तुरंत दोनों के साथ अपनी तुलना करने से इनकार कर दिया और कहा, 'मुझे मालूम था कि मैं एक दिवसीय खेल में दोहरा शतक जमाकर सचिन पाजी और वीरू पाजी के क्लब में शामिल हो गया हूं।'
उन्होंने कहा, 'दोनों क्रिकेट इतिहास के महान क्रिकेटर हैं और मेरा अंतरराष्ट्रीय कॅरियर अभी शुरू ही हुआ है।'
भारत ए को त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में पहुंचने के लिए इस मैच को हर हाल में जीतना जरूरी था और इसमें भारतीय टीम सफल भी रही।