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...और कन्हैया बनकर संसद पहुंच गए सांसद

Tue, 13 Aug 2013 09:27 AM IST
नई दिल्ली/हिमांशु मिश्र
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तेलंगाना के समर्थन और विरोध में आवाज बुलंद करने की होड़ ने लोकसभा में सोमवार को अजीब स्थिति पैदा कर दी।
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नए राज्य का विरोध जताने के लिए टीडीपी सांसद डॉ. एन शिवाप्रसाद कृष्ण के वेश में वेल में पहुंच गए। उन्होंने वेल में घूम-घूम कर बांसुरी बजाने ओर सुदर्शन चक्र चलाने का स्वांग रचा।

इस अनोखे दृश्य पर सदन में कोई हंसा तो कोई हतप्रभ रह गया। हालांकि कृष्ण रूपी शिवा की बांसुरी की तान को सरकार ने अनसुना कर दिया, मगर आसन को यह बेहद नागवार गुजरा।
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बाद में लोकसभा उपाध्यक्ष ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाने पर सांसद को कड़ी फटकार लगाई। हालांकि इसके बावजूद सदन का वेल पहले की तरह ही तेलंगाना विरोध और समर्थन का गवाह बना रहा, जिसकी वजह से कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

सोमवार को सदन में अन्य दिनों की तरह ही तेलंगाना के समर्थन और विरोध में टीडीपी और टीआरएस के सांसद वेल में पहुंच गए। हालांकि विपक्ष खासतौर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की कड़ी आपत्ति जताने के बाद सत्ता पक्ष के सांसद वेल में नहीं दिखे।

असली दृश्य शून्यकाल के दौरान उत्पन्न हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही शिवाप्रसाद ने अपनी सीट पर बैठे बैठे मुकुट पहना, गले में माला डाली और सुदर्शन चक्र के साथ बांसुरी लेकर वेल में पहुंच गए। वहां पहुंचते ही उन्होंने घूम-घूम कर बांसुरी बजाने और सुदर्शन चक्र चलाने की भंगिमा बनाई।

विरोध के इस अनोखे तरीके पर कई सांसद हतप्रभ थे तो कई अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे थे। इस दौरान भाकपा के गुरुदास दासगुप्ता ने कड़ी आपत्ति जताते हुए शिवाप्रसाद को रोकने की असफल कोशिश की। सत्ता पक्ष की तरफ से भी कई सांसदों ने ऐतराज जताया, मगर इसका कोई असर कृष्ण बने शिवाप्रसाद पर नहीं पड़ा।

उधर, इस दृश्य से हतप्रभ लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कड़ी आपत्ति जताने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

बाद में आसन ने सांसद के आचरण पर कड़ा संज्ञान लिया। दोपहर बाद लोकसभा उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने वेल में कृष्ण की वेशभूषा में आने और अभिनय करने की घटना को सदन की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए संबंधित सांसद को कड़ी फटकार लगाई।
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हालांकि जब उपाध्यक्ष इस मामले में विरोध जताने वाले सांसदों की निंदा कर रहे थे, उस दौरान भी सभी सांसद वेल में डटे थे।

अपनी सीट पर लौटने के उपाध्यक्ष के बार-बार के निर्देश के बावजूद भी इन सांसदों के वेल में ही डटे रहने पर कार्यवाही फिर से एक घंटे के लिए स्थगित कर दी गई।
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