मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को उनके प्रशंसकों ने क्रिकेट में भगवान का दर्जा दिया हुआ है। हालांकि खुद सचिन इस बात से इनकार करते रहे हैं।
आईपीएल की तैयारियों के बीच सचिन तेंदुलकर ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा कि वह भगवान नहीं हैं और उनसे भी गलतियां होती हैं।
अपने 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक के बारे में सचिन ने कहा कि सौवां शतक बनने पर मैं कोई जश्न नहीं मना रहा था।
मेरा भगवान से पहला सवाल यही था कि इसमें इतनी देर क्यों लग गई। मुझसे क्या गलती हो गई। एक अरब से अधिक लोगों को इसका बेताबी से इंतजार था और इसमें इतनी देर नहीं लगनी चाहिए थी।
सचिन ने कहा कि मैं गलतियां करता हूं जबकि भगवान गलती नहीं करते। मैं हमेशा से सुनील गावस्कर और विवियन रिचर्ड्स को अपना आदर्श मानता हूं और चाहता हूं कि मुझमें उन दोनों की झलक देखने को मिले।
वनडे को अलविदा कह चुके सचिन आईपीएल में मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हैं जहां उनकी टीम आईपीएल-6 में गुरुवार को रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू से भिडे़गी।
सचिन की सिफारिश पर ही ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग को मुंबई इंडियंस का कप्तान बनाया गया है।
अपने 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक के बारे में सचिन ने कहा कि सौवां शतक बनने पर मैं कोई जश्न नहीं मना रहा था।
मेरा भगवान से पहला सवाल यही था कि इसमें इतनी देर क्यों लग गई। मुझसे क्या गलती हो गई। एक अरब से अधिक लोगों को इसका बेताबी से इंतजार था और इसमें इतनी देर नहीं लगनी चाहिए थी।
क्रिकेट के बिना जिंदगी नहीं
यह पूछने पर कि अगर वह क्रिकेटर नहीं होते तो क्या होते तो? इस सवाल के जवाब में सचिन ने कहा कि मैंने पढाई को नजरअंदाज कर क्रिकेट खेला।
हालांकि मैंने पढाई और खेल के बीच संतुलन बैठाने की कोशिश की थी लेकिन मैं नाकाम रहा। क्रिकेट के कारण मैं कई रातों को सोया नहीं है।
क्रिकेट के लिए मेरा ऐसा जुनून था कि मैं अंधेरे में भी खेलता था। मेरे लिए क्रिकेट के बिना जिंदगी की कल्पना करना भी मुश्किल है।
पहली बार टीम इंडिया की जर्सी पहनने की बात पर सचिन ने कहा कि यह मेरे लिए अभूतपूर्व क्षण था।
पहली जर्सी और कैप का मेरे लिए विशेष महत्व है। इसके सामने दसियों जींस और बीसियों टीशर्ट का कोई महत्व नहीं है।
भारत के लिए खेलने की मेरी यात्रा अविश्वसनीय रही है। मैं ट्रेन से और बस से जाता था लेकिन अभ्यास के लिए हमेशा समय से पहले पहुंच जाता था।