भारतीय टीम के पूर्व लेग स्पिनर नरेंद्र हिरवानी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पदार्पण टेस्ट में ही 16 विकेट लेने का अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया था। हिरवानी का 18 अक्टूबर को जन्मदिन है। इस अवसर पर हम हिरवानी के उस यादगार के मैच के बारे में जानकारी देंगे। 29 साल हो गए आज भी हिरवानी का यह रिकॉर्ड बरकरार है। तब से लेकर अब तक 1190 टेस्ट खेले गए हैं। लेकिन यह कीर्तिमान अब तक कायम है।
हिरवानी ने क्रिकेट का प्रशिक्षण इंदौर में लिया
हिरवानी
मूल रूप से गोरखपुर निवासी हिरवानी ने क्रिकेट का प्रशिक्षण इंदौर में लिया। 11 जनवरी 1988 से भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का चौथा टेस्ट खेला गया। पहले तीन टेस्ट मैचों में वेस्टइंडीज एक टेस्ट जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे था। उसे सीरीज जीतने के लिए चेन्नई का मैच जीतना जरूरी था। लेकिन इतिहास को कुछ और मंजूर था।
हिरवानी ने घातक गेंदबाजी करते हुए 8 विकेट झटके
हिरवानी
चेन्नई के चेपॉक के मैदान में चौथे टेस्ट के पहले दिन से ही पिच स्पिनरों के लिए अनुकूल थी। गेंद पिच पर घूमती जा रही थी। भारत ने कपिल देव के शतक की बदौलत पहली पारी में 382 रन बनाए। वेस्टइंडीज की पहली पारी में हिरवानी ने घातक गेंदबाजी करते हुए 8 विकेट झटके, इसमें विवियन रिचर्ड्स का विकेट भी शामिल रहा। हिरवानी ने 68 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर रिचर्ड्स को बोल्ड कर दिया। गुगली को वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज समझ नहीं पाए। हिरवानी ने पहली पारी में 19 ओवर में 61 रन देकर 8 विकेट लिए।
लेग स्पिनर ने मैच में 16 विकेट लिए
हिरवानी
भारत ने तीसरे दिन 4 विकेट खोकर 181 रन बनाए और चौथे दिन 8 विकेट पर 217 रन बनाकर वेस्टइंडीज को जीत के लिए 416 रनों का लक्ष्य दिया। हिरवानी ने दूसरी पारी में भी वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर कहर ढाया और महज 16 ओवर में महज 75 रन देकर फिर से 8 विकेट हड़प लिए। इस बार भी उन्होंने रिचर्ड्स का विकेट लिया।
करियर में कुल 89 विकेट लिए
हिरवानी
वेस्टइंडीज के बल्लेबाज पहली पारी में हिरवानी की गेंदों पर आउट होने के बाद दूसरी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी करने लगे थे। लेकिन वेस्टइंडीज के 5 बल्लेबाज स्टंप आउट हो गए। हिरवानी ने पदार्पण टेस्ट में सबसे किफायती गेंदबाजी कर 16 विकेट झटके। हिरवानी ने पूरे करियर में 17 टेस्ट मैचों में 66 विकेट तथा 18 वन डे में 23 विकेट हासिल किए।