बदानी ने आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में बताया- द्रविड़ बैंगलोर में रहते थे और यह क्रिकेट चेन्नई में हो रहा था। वह चेन्नई लीग खेलने के लिए चेन्नई आते थे, जो भारत में सबसे शानदार लीगों में से एक है। वह आते थे और शतक पर शतक लगाते थे। मैं भी ऐसा खिलाड़ी था जिसके पास स्किल थी, लेकिन मैं एक समय पर जाकर गेंद को हवा में खेल देता था और आउट हो जाता था।
वीडियो में बदानी ने बताया कि कैसे द्रविड़ शतक लगाने के बाद भी अपने खेलने के अंदाज से नहीं डगमगाते थे और डटे रहते थे। बदानी ने कहा- द्रविड़ केवल गेंद को मैदान में खेलते थे। एक दिन मैंने उनसे कहा, राहुल आपके पास आपके पास एक या दो नहीं पांच शतक हैं। ये क्या हो रहा है राहुल? क्या आप इस तरह एक ही जैसा खेलकर ऊबते नहीं हैं? क्या आप यहां कुछ और आजमाना पसंद नहीं करते?
द्रविड़ के सवाल के जवाब का खुलासा करते हुए बदानी ने कहा कि प्रतिष्ठित बल्लेबाज स्पष्ट मानसिकता के साथ खेलने के लिए आए थे। यह मानसिकता थी कि उन्हें पांच घंटे बल्लेबाजी करना है, क्योंकि उन्होंने चेन्नई पहुंचने के लिए छह-साढ़े छह घंटे की यात्रा की थी। बदानी ने बताया- द्रविड़ ने मुझसे कहा हेमंग, यह मेरे लिए काफी सरल है। मैं रात की ट्रेन लेता हूं। उन दिनों कोई विमान नहीं थे और जो थे वह बहुत महंगे थे। मैं रात की ट्रेन लेता हूं। मैं छह-साढ़े छह घंटे यात्रा करता हूं। मैं सिर्फ तीन घंटे की बल्लेबाजी के लिए साढ़े छह घंटे की यात्रा नहीं कर सकता। इसलिए मैं शतक बनाने के लिए पांच घंटे बल्लेबाजी करता हूं। यह मेरे लिए उतना ही सरल है। अगर मैं इतनी यात्रा कर रहा हूं और खेल रहा हूं, तो मुझे यह सुनिश्चित करना होगा कि मैं मैं वहां पांच घंटे बल्लेबाजी करूं।
बदानी ने कहा- द्रविड़ ने एक और बात कही। उन्होंने कहा नेट्स में आप लगभग 20 मिनट तक बल्लेबाजी करते हैं। उसके बाद आप एक बल्लेबाज के रूप में क्या करते हैं? मैं एक मिनट और बल्लेबाजी करूंगा तो मुझे कोच से इजाजत लेनी होती है, गेंदबाजों को कहना होता है कि क्या आप मुझे 10 गेंद और फेंक सकते हैं। वहीं, मैच में अगर मैं 100 बनाता हूं, तो मैं 150 गेंदों या 170 गेंदों पर बल्लेबाजी कर रहा होऊंगा। मैं क्यों नहीं खेलूं। नहीं तो मुझे नेट्स में गेंदबाजों से भीख मांगनी पड़ती है।