भारत के अगले साल होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने की संभावना कम है। इस पर अब पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हसन अली ने अपनी राय रखी है और बड़ा बयान दिया है। हसन अली ने कहा कि अगर आईसीसी टूर्नामेंट पाकिस्तान में होना है तो वह तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा, भले ही भारत इसमें हिस्सा ना ले। पाकिस्तान को 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करनी है। लाहौर में इसका खिताबी मुकाबला खेला जाना है और इसके लिए कुल तीन आयोजन स्थल तय किए गए हैं।
भारत का पाकिस्तान जाना तय नहीं
कई मीडिया रिपोर्ट और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्रों ने दावा किया है कि भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान की यात्रा नहीं करेगी और बोर्ड आईसीसी से भारत के मैच श्रीलंका या दुबई में कराने की मांग करने पर विचार कर रहा है। श्रीलंका और यूएई चैंपियंस ट्रॉफी के लिए बैकअप वेन्यू के तौर पर प्रबल दावेदार के रूप में उभर रहे हैं।
भारत-पाकिस्तान के बीच नहीं होती द्विपक्षीय सीरीज
भारत ने 2008 में एशिया कप के बाद से पाकिस्तान में द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है। दोनों टीमों के बीच अंतिम बार सीरीज दिसंबर 2012 से जनवरी 2013 के बीच हुई थी। इसके बाद से दोनों टीमें सिर्फ आईसीसी टूर्नामेंट या एशिया कप में एक दूसरे का सामना करती हैं। पाकिस्तान ने 2017 में भारत को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था, जबकि भारतीय टीम 2013 में इस टूर्नामेंट की चैंपियन बनी थी।
'हम भारत के बिना भी खेल सकते हैं'
हसन अली ने एक स्थानीय चैनल से बात करते हुए कहा, अगर हम खेलने के लिए भारत जा सकते हैं तो उन्हें भी पाकिस्तान आना चाहिए। कई लोगों ने काफी बार कहा है कि खेल को राजनीति से दूर रखना चाहिए, लेकिन अगर आप इसे अलग तरह से देखें तो कई भारतीय खिलाड़ियों ने भी कहा है कि वे पाकिस्तान में खेलना चाहते हैं। इसलिए इसका मतलब यह नहीं है कि टीम पाकिस्तान नहीं आना चाहती, वे चाहते हैं, लेकिन उनकी अपनी नीतियां, देश और बोर्ड है जो इस मामले पर फैसला लेगा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख कह चुके हैं कि चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन पाकिस्तान में ही होगा। अगर भारत नहीं आना चाहता तो हम उनके बिना खेलेंगे। क्रिकेट पाकिस्तान में खेला जाएगा और अगर भारत इसमें भाग नहीं लेना चाहता तो इसका मतलब यह नहीं है कि क्रिकेट खत्म हो जाएगा। भारत के अलावा भी कई अन्य टीमें हैं।