गेंदबाजी से चौंकाना चाहते हैं पांड्या
भारतीया ऑलराउंडर ने कहा, ‘बल्लेबाज हार्दिक की तुलना में बल्लेबाज और गेंदबाज हार्दिक सुनने में काफी अच्छा लगता है।" उनसे पूछा गया कि गेंदबाजी के लिहाज से वह खुद को कैसे परखते हैं तो उन्होंने कहा, "यह देखना सभी के लिए एक आश्चर्य की तरह होगा। मैं अभी अपने पत्ते नहीं खोलना चाहता हूं।"
सकारात्मक आलोचना पसंद
टी-20 विश्व कप के दौरान पांड्या की काफी आलोचना हुई थी लेकिन वह इसे ज्यादा महत्व नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "सकारात्मक आलोचना हमेशा अच्छी होती है, लेकिन आम तौर पर आलोचना मुझे परेशान नहीं करती क्योंकि मुझे पता है कि मैं क्या कर रहा हूं। मुझे पता है कि मैंने कितनी मेहनत की है। मैंने परिणाम को ज्यादा महत्व दिये बिना हमेशा प्रक्रिया को अपना कर कड़ी मेहनत की है। जब आप सच्ची मेहनत करते हैं तो परिणाम अपने आप तय हो जाते हैं।"
धोनी का अनुसरण करेंगे पांड्या
पांड्या के लिए कप्तानी नई बात है क्योंकि उन्होंने इससे पहले बड़ौदा के लिए अंडर-16 स्तर पर केवल एक बार ऐसा किया था। उनकी कप्तानी के लिए कोई ‘ तय मानक’ नहीं है, लेकिन वह अपने ‘गुरू’ महेंद्र सिंह धोनी का अनुसरण करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, "मैं आपको उदाहरण देकर समझाना चाहूंगा। जब किसी का अच्छा समय चल रहा होता है तो उस समय उसे किसी की मदद की जरूरत नहीं होती है। मैं हमेशा मानता हूं कि आपको मदद की जरूरत तभी होती है जब आपका दिन अच्छा नहीं होता है।"
विराट, रोहित और धोनी से लेंगे सीख
पांड्या ने कहा कि वह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा की कप्तानी शैली से मिली सीख को लागू करना चाहते। उन्होंने कहा, "मैं विराट से उनकी आक्रामकता और जज्बे को चुनूंगा, उनकी ऊर्जा जबरदस्त है। माही भाई से संयम, शांति और हर स्थिति में सामान्य रहने की कला सीखूंगा। रोहित से मैं खिलाड़ियों को खुल कर खेलने की आजादी देने की सीख को मैदान पर उतरने की कोशिश करूंगा।"