सरकार के लिए ईंधन मिश्रण प्राथमिकता
वित्त मंत्री सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार के लिए ईंधन का मिश्रण प्राथमिकता है। ईंधन में मिश्रण को प्रोत्साहन देने के लिए बिना मिश्रण वाले ईंधन पर एक अक्तूबर 2022 से दो रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू किया जाएगा।'
अतिरिक्त शुल्क के चलते तेल कंपनियां अधिक एथेनॉल खरीदेंगी और ऐसे स्थानों तक इसे पहुंचाने के लिए व्यवस्था करेंगी जहां यह नहीं पहुंच पाता है। अधिकारियों के अनुसार इसकी संभावना कम ही है कि देश बायोडीजल के उत्पादन के लिए जरूरत को पूरा करने के लिए आठ महीने में बुनियादी ढांचा तैयार कर सकेगा।
बजट के बाद एक प्रेसवार्ता में राजस्व सचिव तरुण बजाज ने कहा कि मिश्रित ईंझन पर पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि हमने यह डाटा भी एकत्र किया है क्या मिश्रित नहीं किया जाना है। ऐसा करना इसलिए जरूरी है ताकि पेट्रोलियम कंपनियों के साथ यह सुनिश्चित हो सके कि वह मिश्रण कर रही हैं।
बजाज ने कहा कि हमारी इच्छा कर एकत्र करने की नहीं है क्योंकि यह बहुत कम होगा। हमारी इच्छा यह है कि ईंधन में मिश्रण को बड़े स्तर पर लागू किया जाए, इससे देश को लाभ होगा। बता दें कि देश में डीजल बड़े स्तर पर बिना कुछ मिश्रित किए ही बेचा जाता है। सरकार की योजना डीजल में भी मिश्रण को बढ़ावा देने की है।