फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Petrol Diesel: एक अक्तूबर से दो रुपये महंगा हो जाएगा डीजल, उत्तर पूर्व में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के आसार

Tue, 01 Feb 2022 10:19 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यह कदम उठाने के पीछे सरकार की मंशा पेट्रोल और डीजल में मिश्रण को बढ़ावा देने की है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के अधिकतर हिस्सों में एक अक्तूबर से डीजल की कीमत में दो रुपये का इजाफा हो जाएगा जबकि उत्तर पूर्वी जैसे कुछ स्थानों पर पेट्रोल की कीमतों में भी वृद्धि होने के आसार हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एथेनॉल या बायोडीजल मिलाए बिना बिकने वाले ईंधन पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाने का एलान किया है।

विज्ञापन

वर्तमान में गन्ने या अधिशेष खाद्यान्न से निकलने वाले 10 फीसदी एथेनॉल को पेट्रोल में मिलाया जाता है। यानी एक लीटर पेट्रोल में 90 फीसदी पेट्रोल और 10 फीसदी एथेनॉल होता है। ऐसा तेल आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए और किसानों को आय का एक अतिरिक्त जरिया उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।
एथेनॉल आधारित पेट्रोल की देश के 75 से 80 फीसदी इलाकों में आपूर्ति की जाती है। दूसरी ओर डीजल में प्रायोगिक तौर पर बायोडीजल मिलाया जा रहा है। डीजल देश में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ईंधन है। चूंकि डीजल में मिश्रण न के बराबर होता है ऐसे में लगभग पूरे देश में इसकी कीमतें बढ़ने की संभावना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार के लिए ईंधन मिश्रण प्राथमिकता
वित्त मंत्री सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार के लिए ईंधन का मिश्रण प्राथमिकता है। ईंधन में मिश्रण को प्रोत्साहन देने के लिए बिना मिश्रण वाले ईंधन पर एक अक्तूबर 2022 से दो रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू किया जाएगा।'

अतिरिक्त शुल्क के चलते तेल कंपनियां अधिक एथेनॉल खरीदेंगी और ऐसे स्थानों तक इसे पहुंचाने के लिए व्यवस्था करेंगी जहां यह नहीं पहुंच पाता है। अधिकारियों के अनुसार इसकी संभावना कम ही है कि देश बायोडीजल के उत्पादन के लिए जरूरत को पूरा करने के लिए आठ महीने में बुनियादी ढांचा तैयार कर सकेगा।

बजट के बाद एक प्रेसवार्ता में राजस्व सचिव तरुण बजाज ने कहा कि मिश्रित ईंझन पर पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि हमने यह डाटा भी एकत्र किया है क्या मिश्रित नहीं किया जाना है। ऐसा करना इसलिए जरूरी है ताकि पेट्रोलियम कंपनियों के साथ यह सुनिश्चित हो सके कि वह मिश्रण कर रही हैं।

बजाज ने कहा कि हमारी इच्छा कर एकत्र करने की नहीं है क्योंकि यह बहुत कम होगा। हमारी इच्छा यह है कि ईंधन में मिश्रण को बड़े स्तर पर लागू किया जाए, इससे देश को लाभ होगा। बता दें कि देश में डीजल बड़े स्तर पर बिना कुछ मिश्रित किए ही बेचा जाता है। सरकार की योजना डीजल में भी मिश्रण को बढ़ावा देने की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें