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ऑस्ट्रेलिया दौरे में तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं हार्दिक पांड्या, कंगारू भी मान रहे खेल का लोहा

Sun, 07 Jun 2020 10:02 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हार्दिक पांड्या

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस साल के आखिर में चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पिछली बार जब भारत ने कंगारू भूमि का दौरा किया था तो 2-1 से टेस्ट श्रृंखला में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस वक्त विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा ने अहम भूमिकाएं निभाई थी, इस बार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या भारतीय दल के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं।

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इयान चैपल
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल का मानना है कि उस दौरे में हार्दिक पांड्या को टीम में रखना चाहिए क्योंकि यह आलराउंडर मेजबान देश की मजबूत बल्लेबाजी के कारण पेश होने वाली चुनौती का सामना करने में अहम साबित हो सकता है। चैपल ने कहा, 'अगर पांड्या उपलब्ध रहता है तो वह उस समय दबाव बनाने के लिए भारत को अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प मुहैया कराएगा जब मुख्य तेज गेंदबाजों को विश्राम की जरूरत होगी।'
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पांड्या 2018 से टेस्ट मैच नहीं खेले हैं और वह हाल में पीठ की चोट से उबरे हैं। यह मध्यम गति का गेंदबाज भारत की सीमित ओवरों की टीम का अहम हिस्सा है। वह खुद पीठ की चोट के कारण टेस्ट क्रिकेट में अपनी वापसी को चुनौती समझते हैं, उनकी पीठ का पिछले साल ऑपरेशन किया गया था। पांड्या ने कहा था कि वह सीमित ओवरों की क्रिकेट में अपने महत्व को समझते हैं।

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चैपल ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो में अपने कॉलम में लिखा, 'उनके पास सिडनी में होने वाले मैच से पहले शुरुआती तीन टेस्ट मैचों में अपने ओवरों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाने का मौका होगा। सिडनी में वह तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं ताकि दूसरे स्पिनर को अंतिम एकादश में शामिल किया जा सके। पांड्या को बल्लेबाजी क्रम में सातवें नंबर पर रखने का मतलब होगा कि ऋषभ पंत को विकेटकीपिंग के साथ साथ छठे नंबर पर बल्लेबाजी करनी होगी।'
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चैपल का मानना है कि भारतीय चयनकर्ताओं को स्पिन विभाग में रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव में से किसी एक का चयन करने के लिए काफी माथापच्ची करनी होगी। उन्होंने कहा, 'आर. अश्विन का रिकॉर्ड शानदार है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में नहीं। रवींद्र जडेजा ऑलराउंडर हैं और गेंदबाजी में सुधार से उनका दावा मजबूत बन गया है जबकि कुलदीप यादव ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर कारगर साबित हो सकते हैं। यह मुश्किल फैसला होगा।'
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स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, ‘भारत की सबसे बड़ी चुनौती ऑस्ट्रेलिया की मजबूत बल्लेबाजी से पार पाना होगा। स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर के अलावा मार्नस लाबुशेन तीसरे नंबर पर मजबूती से उबरे हैं जिससे बल्लेबाजी अधिक मजबूत हुई है। ऑस्ट्रेलिया अब सफलता के लिए स्मिथ और वार्नर पर कम निर्भर है।’
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मिचेल स्टार्क - फोटो : ट्विटर
चैपल ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के पास मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है। उन्होंने कहा, ‘तेज गेंदबाजी में पैट कमिंस, मिेशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और जेम्स पैटिनसन हैं जबकि स्पिन विभाग में नाथन लियोन का चयन करना आसान है।’
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