एनएसीएल ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया, मैं आपके साथ भारत के क्रिकेट के दिग्गज चाचा सैयद आबिद अली के निधन की खबर साझा कर रहा हूं जिन्होंने कैलिफोर्निया के ट्रेसी को अपना घर बनाया और जिनकी उल्लेखनीय विरासत हमें उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित करती है। उत्तरी अमेरिका क्रिकेट लीग और उत्तरी कैलिफोर्निया क्रिकेट संघ (एनसीसीए) खाड़ी क्षेत्र में क्रिकेट का विकास में उनके अथक प्रयासों और योगदान के लिए कृतज्ञ है जो उनके स्थायी प्रभाव का प्रमाण है। आइए हम उन्हें अपनी प्रार्थनाओं में याद करें और उनकी उल्लेखनीय विरासत का जश्न मनाएं।
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1975 विश्व कप का रहे हिस्सा
उनका वनडे करियर संक्षिप्त लेकिन ऐतिहासिक रहा। आबिद अली अजीत वाडेकर की अगुआई वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने 1974 में इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले में अपना पहला वनडे मैच खेला था। यह 55 ओवर का मैच था जिसमें भारत हार गया था। अली 1975 में पहले वनडे विश्व कप में भी भारतीय टीम का हिस्सा थे और उन्होंने तीन मैच खेले। वनडे प्रारूप में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन न्यूजीलैंड के खिलाफ रहा जहां उन्होंने 98 गेंद में 70 रन बनाए। आबिद अली ने पांच वनडे में 93 रन बनाए और सात विकेट लिए।
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पूर्व क्रिकेटों ने किया याद
क्रिकेट जगत ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उन्हें एक समर्पित गुरू, एक टीम खिलाड़ी और एक असाधारण इंसान के रूप में याद किया। विश्व कप विजेता भारतीय ऑलराउंडर मदन लाल ने पोस्ट किया, दुखद समाचार आबिद अली नहीं रहे। वह एक बेहतरीन टीम खिलाड़ी और अच्छे इंसान थे। परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना। ओम शांति।
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पूर्व मुख्य राष्ट्रीय चयनकर्ता और विकेटकीपर एमएसके प्रसाद ने आबिद अली के आंध्र के कोच के दिनों को याद किया। प्रसाद ने अपने शोक संदेश में कहा, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आबिद सर का निधन हो गया। वह काफी समय से अस्वस्थ थे। मैं गर्व से कह सकता हूं कि आंध्र के कोच के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने हमें जीतने की कला सिखाई, हमें महज प्रतिभागियों से सच्चे प्रतिस्पर्धी में बदल दिया।