पूर्व श्रीलंकाई कप्तान और दिग्गज महिला जयवर्धने को श्रीलंकाई बोर्ड ने टी-20 वर्ल्ड कप में क्वालीफ़ायर तक के लिए टीम का सलाहकार नियुक्त किया था। जयवर्धने ने कहा कि उन्हें श्रीलंकाई टीम के साथ क्वालीफ़ायर तक ही रहना था और अब वह समय शुक्रवार को खत्म हो रहा है।
श्रीलंका क्रिकेट टीम दुबई और ओमान में जारी आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर 12 स्टेज में क्वालीफाई करने में सफल रही। दासुन शनाका की कप्तानी में टीम ने पहले राउंड के ग्रुप मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया और दोनों मुकाबले बड़े अंतर से जीते। टीम की जीत के साथ ही पूर्व श्रीलंकाई कप्तान और दिग्गज महिला जयवर्धने भी अब घर वापसी करने को तैयार हैं।
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जयवर्धने को श्रीलंकाई बोर्ड ने टी-20 वर्ल्ड कप में क्वालीफ़ायर तक के लिए टीम का सलाहकार नियुक्त किया था। जयवर्धने ने कहा कि उन्हें श्रीलंकाई टीम के साथ क्वालीफ़ायर तक ही रहना था और अब वह शुक्रवार को खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा, 'यह मुश्किल है, मैंने जोड़ा तो पाया कि मैं 135 दिनों से क्वारंटीन और बबल में हूं। लेकिन मैं समझता हूं और मैंने उन्हें कहा था कि मैं अपने पास मौजूद सारी तकनीक के साथ अपने दल के साथ रहूंगा। मैंने अपनी बेटी को काफी समय से नहीं देखा है। मुझे अब घर जाना होगा।'
पूर्व कप्तान ने टीम के प्रदर्शन पर कहा, 'हमारे लिए चीजें सही रहीं लेकिन यहां कुछ बातें हैं जिनमें आगे सुधार करना होगा। सबसे खास बात है कि खिलाड़ियों को अपनी भूमिका और जिम्मेदारी को समझना होगा।' उन्होंने दी आइलैंड ऑनलाइन से बातचीत में कहा, 'मैंने कोच से बात की और मुझे लगा कि असफल होने का चिंता सबसे बड़ा डर है जबकि टी-20 क्रिकेट में इस स्तर पर आपको उसके बगैर खेलना होता है।'
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जयवर्धने ने कहा, 'हमने इस बारे में बात की, बल्लेबाजी के क्षेत्र में हमें काम करना होगा। गेंदबाजी में हमारे पास कई प्रतिभाएं हैं। मुझे लगता है कि अभी तक हमने सही तरीके से चीजों को लागू किया है और उम्मीद है कि आगे भी वह ऐसा करने में कामयाब रहेंगे।