भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी शुरू होने में अब एक महीने से भी कम का समय शेष है। इसके लिए कुछ ही दिनों में भारतीय टीम घोषित हो सकती है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया भी भारतीय चुनौती से पूरी तरह अवगत है और भारत के खिलाफ कोई गलती नहीं करना चाहता है। ऑस्ट्रेलिया को अपनी कप्तानी में वनडे विश्व कप का विजेता बनाने वाले माइकल क्लार्क ने सीरीज शुरू होने से पहले कहा कि टीम को सलामी बल्लेबाज के तौर पर स्टीव स्मिथ की जगह किसी विशेषज्ञ बल्लेबाज पर विचार करना चाहिए।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 22 नवंबर से पर्थ में होगा। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। उनकी जगह स्मिथ ने टेस्ट में पारी का आगाज किया है, लेकिन वह ओपनर के तौर पर प्रभावित नहीं कर सके हैं। स्मिथ को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करना पसंद है और हाल ही में यह स्पष्ट भी किया गया था कि भारत के खिलाफ स्मिथ चौथे नंबर पर उतरेंगे।
पूर्व सलामी बल्लेबाज वॉर्नर ने हाल में संन्यास से वापसी करने की इच्छा जताई और इसके कुछ दिन बाद ही क्लार्क ने यह टिप्पणी की। लंबे कद के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन पारी का आगाज करने के लिए एक और अच्छा विकल्प हैं, लेकिन पीठ की चोट के कारण ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत के खिलाफ उनकी सेवाएं नहीं ले पाएगी। ऑस्ट्रेलिया के पास पारी का आगाज करने के लिए सैम कोंस्टास और मार्कस हैरिस को चुनने का विकल्प है, लेकिन खबरों के अनुसार चयनकर्ता जोश इंग्लिस और नाथन मैकस्वीनी के नाम पर विचार कर सकते हैं। हालांकि शेफील्ड शील्ड में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद इंग्लिस और मैकस्वीनी ने सलामी बल्लेबाज के तौर पर बल्लेबाजी नहीं की है। भारत के पास जिस तरह का गेंदबाजी आक्रमण है, उसे देखते हुए क्लार्क इन दोनों के पक्ष में नहीं हैं।
क्लार्क ने कहा, हमने टेस्ट क्रिकेट में स्टीव स्मिथ को पारी का आगाज कराकर गलती की। हमें वही गलती नहीं दोहरानी चाहिए। हमें एक विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज चुनना चाहिए जो भी इसके लिए सबसे सही हो। इस भारतीय आक्रमण के खिलाफ बल्लेबाजी के लिए जोश इंग्लिस एक विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज से बेहतर कैसे हो सकते हैं? उन्होंने शेफील्ड शील्ड में रन बनाए हैं लेकिन वह मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हैं। आप इस तरह से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का चयन नहीं करते हैं। इस समय ऑस्ट्रेलिया के सामने जो समस्या है कि शीर्ष तीन दावेदारी वाले विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज शील्ड क्रिकेट में रन नहीं बना रहे हैं।