भारत 1991-92 के बाद पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगा जिसका पहला मैच 22 नवंबर से पर्थ में शुरू होगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस साल के अंत में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज होनी है। भारत की नजरें ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में जीत की हैट्रिक लगाने पर टिकी होंगी। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जॉन बुकानन का मानना है कि भारत की ऑस्ट्रेलिया जीत रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे स्टार बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। भारत 1991-92 के बाद पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगा जिसका पहला मैच 22 नवंबर से पर्थ में शुरू होगा।
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मुख्य कोच के तौर पर ऑस्ट्रेलिया के सभी प्रारूपों में स्वर्णिम दौर का मार्गदर्शन करने वाले बुकानन ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के पास उम्रदराज खिलाड़ियों की भरमार है लेकिन इससे दोनों टीम के बीच प्रतिस्पर्धा में कोई बाधा नहीं होगी।
'ऑस्ट्रेलिया का गेंदबाजी लाइनअप काफी ताकतवर'
बुकानन ने कहा, पिछली सीरीज में भारत से हारने के बाद से ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण में ऑफ स्पिनर नाथन लियोन के साथ अब कैमरन ग्रीन और मिशेल मार्श शामिल हैं। यह काफी ताकतवर गेंदबाजी लाइनअप है। भारत के शीर्ष क्रम में यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, विराट कोहली और संभवतः श्रेयस अय्यर को अच्छा स्कोर बनाने के लिए काफी अच्छी बल्लेबाजी करनी होगी और फिर जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज जैसे गेंदबाज अपनी काबिलियत दिखाएंगे।
बुकानन ने कहा कि पिछले दो दौरों पर भारत की जीत का इतना ज्यादा मनोवैज्ञानिक असर नहीं होगा क्योंकि उस जीत में अहम रहे दो मुख्य खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे आगामी सीरीज के लिए दौरा करने वाली टीम का हिस्सा नहीं होंगे। उन्होंने कहा, भारत ने जो पिछली सीरीज जीती थी वो भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के ही दृष्टिकोण से काफी अहम थी। सीरीज से पहले थोड़ा बहुत दबाव बनाने के लिए माइंड गेम देखने को मिलेगा।
बुकानन ने कहा, इन सबके बावजूद बात करें तो पिछली सीरीज बीत चुकी है। वो खिलाड़ी अब टीम में नहीं हैं जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था। ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय दोनों में ही हमारे पास जो मौजूदा खिलाड़ी हैं, वे अपने करियर के उस चरण में हैं जहां वे सभी अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। उम्र को देखें तो भारत की टीम में कुछ उम्रदराज खिलाड़ी हैं जिसमें रोहित 37 वर्ष के हैं और कोहली 35 साल के हैं। रविचंद्रन अश्विन दौरा करते हैं तो उनकी उम्र 37 साल है। अगर आप ऑस्ट्रेलियाई टीम को देखो तो केवल एक या दो ही खिलाड़ी ऐसे हैं जो 30 साल से कम उम्र के हैं। यह दोनों अच्छे तेज गेंदबाजी आक्रमण वाली टीमों के बीच मुकाबला होगा जिसमें दोनों टीमों के शीर्ष क्रम के खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन करते हैं, नतीजा इस पर निर्भर होगा।