पाकिस्तान ने अगले साल होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) भी अपनी ओर से कोई कमी नहीं रखना चाहता है। भारत के इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने को लेकर संशय चल रहा है। इसी को देखते हुए आईसीसी का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के निरीक्षण के लिए कराची पहुंचेगा।
आईसीसी के आयोजन एवं सुरक्षा विभागों के शीर्ष अधिकारियों के साथ क्रिकेट महाप्रबंधक और प्रोडक्शन प्रबंधक इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। आईसीसी पिच सलाहकार एंडी एटकिंसन भी अप्रैल से अब तक तीन बार पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार आईसीसी प्रतिनिधिमंडल टूर्नामेंट के संभावित कार्यक्रम पर चर्चा करेगा जिसे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कुछ महीने पहले तैयार कर के भेजा था।
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्र ने कहा, अस्थायी कार्यक्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भारतीय टीम का लाहौर में रहना और शहर में अपने सभी मैच खेलना भी शामिल है। सूत्र ने बताया कि ऐसी स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी जब भारत सरकार भारतीय टीम को पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं देगी।
भारत के कारण कार्यक्रम पर नहीं लिया जा रहा फैसला?
ऐसी खबरें आई थी कि भारतीय टीम के टूर्नामेंट में शामिल होने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण अब तक चैंपियंस ट्रॉफी का कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। एक सूत्र ने बताया था कि इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले देशों के बोर्ड ने कार्यक्रम देख लिया है, लेकिन जब तक यह पता नहीं चल जाता कि भारत सरकार टीम को पाकिस्तान में खेलने की स्वीकृति देगी या नहीं, तब तक कार्यक्रम तय नहीं किया जा सकता। कार्यक्रम घोषित नहीं हो पाने का यह भी एक कारण बताया गया है।
देर से जारी हो सकता है कार्यक्रम
आईसीसी प्रतिनिधिमंडल चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन स्थलों कराची, लाहौर और रावलपिंडी में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करेगा, साथ ही सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करेगा और प्रसारण व्यवस्था, टीम होटल और यात्रा कार्यक्रमों की समीक्षा भी करेगा। सूत्र के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह के एक दिसंबर से आईसीसी चेयरमैन बनने के कारण चैंपियंस ट्रॉफी का कार्यक्रम पिछले साल भारत में हुए विश्व कप की तरह ही देर से जारी किया जाएगा।