भारतीय हॉकी टीम एफआईएच प्रो लीग में जर्मनी के खिलाफ अपने अनुभव और घरेलू हालात के चलते मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। भारत के अभी दस मैचों में 21 अंक हैं और वह दूसरे स्थान पर मजबूत जर्मनी से चार अंक आगे चल रही है जिसके आठ मैचों में 17 अंक हैं। दो चरण के पहले मुकाबले में बृहस्पतिवार को यहां कलिंगा स्टेडियम में जर्मनी के खिलाफ बड़ी दावेदार नजर आ रही है।
जर्मनी की 22 सदस्यीय टीम में 12 खिलाड़ी ऐसे हैं जो सीनियर स्तर पर पदार्पण कर रहे हैं। दूसरा मैच शुक्रवार 15 अप्रैल को खेला जाएगा। जर्मनी की टीम आगामी ओलंपिक की तैयारियों के मद्देनजर युवा खिलाड़ियों को आजमा रही है। इसके अलावा एक अन्य कारण यह भी है कि उसके कई सीनियर खिलाड़ी घरेलू क्लब के मैचों में भी व्यस्त हैं।
भारतीय टीम का मनोबल इसलिए ऊंचा है क्योंकि उसने नीदरलैंड को 2-1 से हराया और दूसरे मैच में भी उसे कड़े मुकाबले में शूटआउट में 1-3 से हार मिली है। प्रो लीग में यह भारत के अंतिम घरेलू मैच हैं, उसके बाद उसे विदेश में खेलना है। अमित रोहिदास की अगुवाई वाली टीम अपने घरेलू मैचों का अंत जीत से करना चाहेगी।
जर्मनी को हल्के में नहीं लेगी टीम
भारतीय उप कप्तान और ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह ने अपने खिलाड़ियों को जर्मनी की टीम को हल्के में न लेने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि विपक्षी टीम के युवा खिलाड़ी अपने को साबित करने के लिए ज्यादा दम लगाएंगे। हमारा फोकस इस पर होना चाहिए कि हम एक टीम के रूप में बेहतर करें और यह न देखें कि सामने कौन सी टीम है।
जर्मनी के लिए मौसम भी चुनौती
जर्मनी के हेड कोच आंद्रे हेनिंग ने माना कि मौसम से निपटना भी उनके लिए चुनौती रहेगा क्योंकि वह शून्य से कम डिग्री वाले ठंडे तापमान वाले मौसम से आ रहे हैं। भुवनेश्वर में काफी उमस भरा मौसम है। हमारी युवा टीम का फोकस सीखने और सुधार करने पर रहेगा। हम 2028 ओलंपिक के मद्देनजर अपनी भविष्य की टीम तैयार कर रहे हैं।