पूर्व भारतीय फिरकी गेंदबाज व कमेंटेटर लक्ष्मण शिवारामाकृष्णन के हाथों मिली हार को शायद टिम मे और उनका संगठन फिका पचा नहीं पा रहा है।
फिका ने टिम मे के आईसीसी की समिति से बाहर किए जाने को लेकर जांच किए जाने की मांग की है। फिका का आरोप है कि बीसीसीआई के दबाव के कारण भारतीय क्रिकेट बोर्ड समर्थित उम्मीदवार को विजयी बनाया गया।
शिवारामाकृष्णन ने आईसीसी की क्रिकेट समिति में वर्तमान खिलाड़ियों के प्रतिनिधित्व के लिए रविवार को हुए चुनाव में टिम मे को हरा दिया था। क्रिकेट समिति में वर्तमान खिलाड़ियों के प्रतिनिधित्व के रूप में शिवारामाकृष्णन के अलावा कुमार संगकारा को चुना गया था।
फिका के कानूनी सलाहकार इयान स्मिथ का यह भी कहना है कि आईसीसी ने पहले ही बता दिया था कि इस समिति के लिए होने वाले चुनाव के दौरान सदस्य देशों का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। लेकिन उन्होंने उस निर्देश का पालन नहीं किया।
स्मिथ के अनुसार आईसीसी की निर्देश के उलट सदस्य देशों के बोर्ड ने अपने कप्तानों पर दबाव बनाया कि वे अपने वोट उनके हिसाब से ही डाले।
उनके अनुसार यह साफ दिखता है कि चुनाव से पूर्व जबर्दस्त लॉबिंग की गई।
वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान व फिका के अध्यक्ष जिम्मी एडम्स का भी कहना है कि टिम मे को जिस तरह से बाहर कराया गया उससे साफ दिखता है कि आईसीसी के नियमों का उल्लंघन किया गया। ऐसे में खेल भावना के साथ काम करने में दिक्कत आएगी।