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महिला टेस्ट क्रिकेट: पुरुषों से काफी अलग है महिलाओं का टेस्ट क्रिकेट, समझिए अगर पांच दिन के मैच हुए तो क्या कुछ बदलेगा

Tue, 05 Oct 2021 02:17 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत का पहला डे-नाइट टेस्ट ड्रॉ होने के बाद महिलाओं का टेस्ट क्रिकेट भी पांच दिन का करने की मांग उठ रही है। ऐसा होने पर महिलाओं का खेल कितना बदल जाएगा और किस टीम को फायदा होगा यह हम समझा रहे हैं। 
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महिलाओं के टेस्ट मैच पांच दिन के होने से ज्यादा मैचों के नतीजे आएंगे। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम का पहला डे-नाइट टेस्ट ड्रॉ होने के बाद महिलाओं के लिए टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बदलाव की मांग तेज हो गई है। ऑस्ट्रेलिया के कोच मैथ्यू वॉट ने कहा है कि महिलाओं का टेस्ट क्रिकेट भी पांच दिन का होना चाहिए। चार दिन के मैच में किसी नतीजे की उम्मीद करना गलत है। वॉट के अलावा कई फैंस ने भी महिलाओं का टेस्ट क्रिकेट पांच दिन का करने की मांग की है। यहां हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि महिलाओं का टेस्ट क्रिकेट पुरुषों से कितना अलग है और नियमों में बदलाव करने से खेल और उसके नतीजे पर क्या प्रभाव पड़ेगा। 
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चार दिन का होता है महिलाओं का टेस्ट मैच

महिलाओं के टेस्ट मैच में पांच की बजाय चार दिन ही होते हैं और हर दिन 90 की बजाय 100 ओवर किए जाते हैं। इस तरह से पूरा मैच 450 ओवरों की जगह 400 ओवरों का हो जाता है। कई बार बारिश के चलते मैच के एक या दो दिन धुल जाते हैं, ऐसे में कई टीमें जीत करीब रहती हैं, पर मैच ड्रॉ हो जाता है। अगर यह मैच पांच दिन का होता है तो ड्रॉ होने वाले मैचों की संख्या में कमी आएगी। इसके अलावा एक दिन में 100 ओवर पूरे कराने में कप्तानों को परेशानी होती है। कई बार तेज गेंदबाजों से ज्यादा गेंदबाजी कराना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि उनके एक ओवर में ज्यादा समय लगता है। वहीं स्पिन गेंदबाज एक से डेढ़ मिनट में अपना ओवर पूरा कर लेते हैं। 

पुरुषों से हल्की होती है महिलाओं की गेंद

महिला क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंद का वजन 139.98 ग्राम से 150.61 ग्राम के बीच होता है। वहीं पुरुष खिलाड़ियों की गेंद इससे 23.03 ग्राम भारी होती है। महिला क्रिकेट में बाउंड्री का साइज भी छोटा होता है। इसके अलावा महिलाओं के क्रिकेट में खिलाड़ी अंपायर के फैसलों को चुनौती देकर तीसरे अंपायर के पास नहीं जा सकते हैं। हालांकि, अंपायर खुद चाहे तो तीसरे अंपायर की मदद ले सकता है। वहीं पुरुषों के टेस्ट क्रिकेट में दोनों टीम के पास तीन-तीन रिव्यू होते हैं, जिनके जरिए वो मैदानी अंपायर के फैसले को चुनौती दे सकते हैं।
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पांच दिन के टेस्ट मैच में क्या बदलेगा

पांच दिन का मैच होने से टेस्ट मैच के चौथे और पांचवे दिन पिच टूट जाएगी और स्पिन गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिलेगी। मौजूदा समय में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया कि पिचों में स्पिन गेंदबाज का काम एक छोर से रन न देकर दबाव बनाना या जल्दी ओवर करना ही होता है। पांच दिन का मैच होने से स्पिन गेंदबाजों के पास विकेट लेने के ज्यादा मौके रहेंगे। इससे भारत और पाकिस्तान जैसी टीमों को फायदा होगा, जिनके पास स्पिनर हैं। इन टीमों के बल्लेबाज स्पिन को बेहतर तरीके से खेलते हैं। 
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