मेजबान इंग्लैंड पहले ही एशेज सीरीज पर कब्जा जमा चुका है। लेकिन सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त लेने के बाद भी मेजबान टीम ने पांचवें मैच से पहले एक अनोखा फैसला किया।
सीरीज में 4-0 की बढ़त लेने के इरादे से मैदान पर उतरने से पहले इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम टेस्ट मैच में दो नए चेहरे उतार दिए।
दूसरी ओर, सीरीज में पहली जीत की तलाश करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भी एक नए चेहरे को टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका दिया है। हरफनमौला क्रिकेटर जेम्स फॉकनर ने आज टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया।
इंग्लैंड ने एशेज के किसी टेस्ट मैच में 16 साल बाद पहली बार दो नए खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट पदार्पण करने का मौका दिया है। बुधवार से शुरू हुए मैच में कुक ने बल्लेबाज क्रिस वोक्स और फिरकी गेंदबाज सिमोन क्रेगन को टीम में पहली बार शामिल किया।
इंग्लैंड ने इससे पहले 1997 में एशेज में ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में दो नए खिलाड़ियों को पहली बार शामिल किया था। उस मैच में मेजबान टीम ने होलिओक बंधुओं (एडम और बेन) को शामिल किया।
हालांकि होलिओक बंधुओं का टेस्ट करियर लंबा नहीं चला। बड़े भाई एडम महज चार टेस्ट खेल सके। जबकि बेन ने महज दो टेस्ट मैच खेले थे। बेन की पर्थ में 23 मार्च 2002 को एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।