भारतीय टीम के उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे अपने प्रदर्शन से लगातार निराश कर रहे हैं। दाएं हाथ के बल्लेबाज रहाणे इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स की एक अर्धशतकीय पारी को छोड़कर अभी तक कोई भी बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। इंग्लैंड के साथ जारी चौथे टेस्ट में भी उनका बल्ला खामोश रहा। पहली पारी में 14 रन बनाने वाले रहाणे दूसरी पारी में बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। आंकड़ें भी अब रहाणे की कमजोर फॉर्म को बयां कर रहे हैं। रहाणे ने पिछली 15 पारियों में 19 की औसत से सिर्फ 285 रन बनाए हैं।
रहाणे की फॉर्म ही है शायद जिसकी वजह से चौथे टेस्ट में उनके बल्लेबाजी क्रम में बदलाव कर उन्हें नीचे यानी छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारा गया और रविंद्र जडेजा को उनके ऊपर भेजा गया। हालांकि टीम के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर रहाणे की फॉर्म को लेकर अधिक चिंतित नहीं है।
रहाणे मुश्किल दौर से गुजर रहे
चौथे दिन के खेल के बाद राठौर से जब प्रेस कांफ्रेंस में रहाणे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उनका बचाव करते हुए कहा, 'अभी वह समय नहीं आया है जब इसपर बात की जाए। वह फिलहाल एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।'
खिलाड़ी का हौसला बढ़ाना जरूरी
रहाणे की कमजोर बल्लेबाजी की वजह से टीम इंडिया को मध्यक्रम में काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। लेकिन इसपर राठौर ने कहा कि चिंता का कोई कारण नहीं है। जब आप लंबे समय से क्रिकेट खेल रहे होते हैं, तब ऐसा समय आता है जब आप रन नहीं बना पाते। यही वह समय होता है जब टीम को अपने खिलाड़ी का स्पोर्ट कर उसका हौसला बढ़ाना होता है।'
रहाणे से वापसी की उम्मीद
राठौर ने पुजारा का उदाहरण देकर समझाया कि हमने उन्हें अधिक मौके दिए और उन्होंने वापसी करते हुए दो महत्वपूर्ण पारियां खेली। ऐसे में रहाणे के मामले में भी हमें उम्मीद है कि वह वापसी करेंगे और एक अहम पारी खेलेंगे।