ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने टीम के बल्लेबाजों मार्नस लाबुशेन और ट्रेविस हेड को इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना करने के लिए तकनीकी सलाह की पेशकश की है। ऑस्ट्रेलिया ने एजबेस्टन में हुआ पहला टेस्ट दो विकेट से जीता था, लेकिन लाबुशेन और हेड को पहले टेस्ट में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लाबुशेन को क्या सलाह देंगे पोंटिंग?
पोंटिंग चाहते हैं कि लाबुशेन बेसिक्स (आधारभूत चीजों) की तरफ लौटें। पोंटिंग ने कहा- मैं उनका इंतजार कर रहा हूं। मैं कोई कोच नहीं हूं, लेकिन एक पूर्व खिलाड़ी के तौर पर उन्हें कुछ महत्वपूर्ण सलाह जरूर दे सकता हूं। मैं समझता हूं कि लाबुशेन चीजों को अनावश्यक रूप से जटिल बना रहे हैं। वह दुनिया के नंबर दो बल्लेबाज हैं और उन्हें अपने में विश्वास रखना चाहिए।
पोंटिंग ने कहा- मैं उनसे कुछ वीडियो देखने के लिए कहूंगा कि उन्होंने कब-कब अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। मैं लाबुशेन को उन चीजों को याद रखने की सलाह दूंगा और कहूंगा कि वैसा ही दोबारा करें। पोंटिंग का भी मानना है कि हेड को इंग्लैंड के गेंदबाजों के शॉर्ट बॉल से निपटने के लिए एक योजना पर काम करने की जरूरत है।
ट्रेविस हेड को शॉर्ट बॉल से निपटने की सलाह देंगे पोंटिंग
पोंटिंग ने कहा- मैं उनसे सबसे पहले कहूंगा कि शॉर्ट बॉल का मुकाबला करने का उनके पास सबसे अच्छा तरीका क्या है? क्या वह इसे खेलेंगे? यदि वह उन गेंदों को हुक और पुल करने का प्रयास करते हैं तो क्या उन्हें सफलता मिलेगी? क्या वह डक करने में सक्षम हो सकते हैं? पोंटिंग का मानना है कि दूसरे टेस्ट में हेड के लिए सबसे बड़ा खतरा मार्क वुड और उनकी पेस होगी।
पोंटिंग ने कहा कि वुड अगला टेस्ट खेल सकते हैं और उनमें कुछ अलग बात है। वह स्पष्ट रूप से बहुत तेज गेंदबाजी करते हैं और अच्छी शॉर्ट बॉल फेंकते हैं। पोंटिंग ने कहा कि हेड को इस बारे में सोचना चाहिए और इससे निपटने का तरीखा ढूंढना चाहिए।
एशेज के पहले टेस्ट में हेड जूझते दिखे
ट्रेविस हेड ने इस महीने भारत के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में मैच जिताऊ शतकीय पारी खेली थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उनके शॉर्ट बॉल खेलने की परेशानी उजागर कर दी थी। एशेज के पहले टेस्ट की पहली पारी में वह 50 रन बना पाए थे, वहीं दूसरी पारी में 16 रन ही बना सके थे। दोनों पारियों में उन्हें मोईन अली ने आउट किया था।
लाबुशेन इस साल टेस्ट में कुछ खास नहीं कर सके
पिछले कुछ महीनों में लाबुशेन के फॉर्म में गिरावट आई है। इस साल वह एक भी शतक नहीं लगा पाए हैं। पिछला शतक उन्होंने पिछले साल दिसंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ जड़ा था। तब उन्होंने एडिलेड ओवल में 163 रन की पारी खेली थी। इसके बाद से 17 पारियों में लाबुशेन 464 रन बना पाए हैं। इनमें दो अर्धशतक शामिल है, जबकि वह कोई शतक नहीं लगा पाए हैं।
पिछली 12 पारियों में लाबुशेन ने एक अर्धशतक की मदद से 324 रन बनाए हैं। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत के खिलाफ लाबुशेन ने 26 और 41 रन की पारी खेली थी। वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्ट में एशेज के पहले टेस्ट की पहली पारी में वह खाता खोले बिना पवेलियन लौटे थे। वहीं, दूसरी पारी में लाबुशेन 13 रन बना सके। दोनों पारियों में स्टुअर्ट ब्रॉड ने उन्हें विकेटकीपर जॉनी बेयरस्टो के हाथों कैच कराया।