भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक बार फिर डीआरएस की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए आईसीसी के सालाना सम्मेलन में इसका विरोध किया है।
पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने डीआरएस को अनिवार्य बनाने का विरोध किया था। उनकी दलील दी थी कि इस तकनीक की अभी और जांच-पड़ताल होनी है।
हालांकि, आईसीसी आगे भी इस सम्मेलन में डिसिजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) पर चर्चा करेगी। यह सालाना सम्मेलन शनिवार को समाप्त हो रहा है।
क्रिकेट समिति के कई सदस्य डीआरएस को अनिवार्य रूप से लागू करने को राजी थे, लेकिन बीसीसीआई ने एक बार फिर विरोध का रास्ता अख्तियार किया।
क्रिकेट समिति द्वारा दिए गए सुझावों को मुख्य कार्यकारी समिति, आईसीसी बोर्ड के सामने रखेगी।
सूत्रों ने बताया कि पिछले साल आईसीसी की सालाना बैठक में डीआरएस और इससे जुड़े मुद्दों पर एकराय बनाने को लेकर सहमति हुई थी।