धूमल ने कहा कि लगातार बदलाव समय की जरूरत है और ऐसा कोई कारण नहीं है कि आईपीएल दुनिया भर में सबसे बड़ी खेल लीग नहीं बन सकता है। उन्होंने आगे कहा है आईपीएल आने वाले समय में और बड़ा होगा। यह दुनिया की नंबर एक लीग बनेगी। धूमल ने आगे बताया कि आईपीएल को इस मुकाम तक पहुंचाने में फैंस का योगदान बहुत ज्यादा है और वह मैच देखने के उनके अनुभव को और बेहतर करने की जरूरत है।
धूमल ने कहा "हम कई नवाचारों को देख रहे हैं जो फैंस के मैच देखने का अनुभव और बेहतर करेंगे। जो लोग इसे टीवी पर देख रहे हैं और जो स्टेडियम में आकर मैच देख रहे हैं, उनके लिए हम चाहते हैं कि उनके पास बेहतर अनुभव हो। अगर हम आईपीएल का कार्यक्रम पहले से बना सकते हैं, तो दुनिया भर के लोग उसी के अनुसार अपनी प्लान बना सकते हैं। यह प्रशंसकों के लिए पैसा वसूल अनुभव होना चाहिए।"
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अब नहीं बढ़ेगी टीमों की संख्या
बीसीसीआई ने आईपीएल में दो नई टीमों को शामिल करके 12000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की, लेकिन धूमल का कहना है कि टीमों की संख्या बढ़ने की संभावना बहुत कम है। इस सीजन में कुल 74 मैच हुए थे और आने वाले सीजन में मैचों की संख्या 94 तक जा सकती है।
धूमल ने कहा कि "टीमें केवल 10 ही रहेंगी। यदि आप इसे बढ़ाते हैं, तो टूर्नामेंट को एक बार में करना मुश्किल हो जाएगा। हम पहले दो सत्रों के लिए 74 मैच कराने पर विचार कर रहे हैं। इसके बाद मैचों की संख्या 84 होगी और सब कुछ ठीक रहा तो इसे बढ़ाकर 94 तक किया जा सकता है। हम अपनी तुलना फुटबॉल और दुनिया भर की अन्य खेल लीगों से नहीं कर सकते क्योंकि, क्रिकेट पूरी तरह से अलग है। आप छह महीने तक एक ही पिच पर नहीं खेल सकते हैं।"
विदेशी लीग में नहीं खेलेंगे भारतीय खिलाड़ी
दुनिया भर में बढ़ती टी20 लीगों ने बीसीसीआई पर अपने खिलाड़ियों को विदेशी टूर्नामेंटों में खेलने की अनुमति देने का दबाव डाला है। आईपीएल फ्रेंचाइजियों के मालिकों ने दक्षिण अफ्रीका लीग में सभी छह टीमों को खरीदा है और निश्चित रूप से प्रतियोगिता में कुछ भारतीय खिलाड़ियों को खेलते देखना चाहते हैं।
भारत के अनुबंधित और गैर अनुबंधित दोनों खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए धूमल ने कहा कि व्यस्त कैलेंडर के बीच बीसीसीआई की मौजूदा नीति में बदलाव की कोई योजना नहीं है। "यह बीसीसीआई का निर्णय है कि हमारे अनुबंधित खिलाड़ी अन्य लीगों के लिए नहीं जा सकते हैं। चूंकि क्रिकेट बहुत ज्यादा हो रहा है। उनकी भलाई को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब हम उस फैसले पर कायम हैं। हालांकि, बीसीसीआई आईपीएल टीमों की पुरानी मांग स्वीकार कर सकता है और कुछ मैच विदेशों में खेले जा सकते हैं।
धूमल ने कहा "दुनिया भर में प्रवासी भारतीयों के साथ, हम इस टूर्नामेंट की पहुंच को और बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन यह सही समय पर होना चाहिए। यह बहुत महत्वपूर्ण है। हम मूल्यांकन करेंगे और जब समय सही होगा तो हम इसे विदेशों में ले जाएंगे।
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'महिला आईपीएल होगी वर्ल्ड क्लास प्रॉपर्टी'
महिला आईपीएल का पहला सीजन अगले साल मार्च में पांच टीमों के साथ होगा, लेकिन अब तक इसके लिए टीमों की बिक्री नहीं हुई है। संभावना है कि देश के छोटे शहरों के नाम पर महिला आईपीएल की टीमें बनाई जाएंगी। धूमल ने बताया "जिस तरह से हम इस महिला आईपीएल की योजना बना रहे हैं, वह यह है कि हमारे पास खेल में शामिल होने वाले प्रशंसकों का नया सेट होगा। बहुत सारी महिला प्रशंसक हैं, जिन्हें आईपीएल काफी पसंद है। बीसीसीआई इसे आगे बढ़ाना चाहता है। इसी वजह से महिला खिलाड़ियों की सैलरी पुरुष खिलाड़ियों के बराबर की गई है।
उन्होंने कहा, "प्रशंसकों को बड़ी संख्या में स्टेडियम में आना चाहिए, चाहे ग्रामीण इलाकों या मुख्य शहरों में महिला आईपीएल हो। हम इसका मूल्यांकन करेंगे और जल्द ही कोई फैसला करेंगे।"
टूर्नामेंट के लिए राजस्व अनुमान पर, धूमल ने कहा: "हम एक नई लीग बना रहे हैं और इसे विश्व स्तरीय होना चाहिए। हम वास्तव में राजस्व को लेकर परेशान नहीं हैं। हम इसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेट टूर्नामेंट में से एक बनाने पर काम कर रहे हैं। हमने आईपीएल में जो किया, हम डब्ल्यूआईपीएल के साथ भी कुछ ऐसा ही करना चाहते हैं।"