पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनके दो पूर्व कारोबारी साझेदारों का विवाद लगातार उलझता जा रहा है। पहले धोनी की तरफ से उनके कारोबारी साझेदारों के खिलाफ 15 करोड़ के नुकसान का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद पूर्व साझेदारों ने भी धोनी के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया है। अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने रजिस्ट्री से धोनी को ईमेल करने को कहा है। इस मेल के जरिए धोनी को यह सूचित किया जाएगा कि उनके दो पूर्व कारोबारी साझेदारों ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया है।
धोनी के पूर्व बिजनेस पार्टनर मिहिर दिवाकर और उनकी पत्नी सौम्या दास ने धोनी के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। दिवाकर और दास ने 2017 के अनुबंध के कथित उल्लंघन के संबंध में धोनी और उनकी ओर से काम करने वाले लोगों को उनके खिलाफ मानहानिकारक आरोप लगाने से रोकने के लिए निर्देश देने की मांग की है।
इससे पहले धोनी ने अपने दो पुराने बिजनेस पार्टनर के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। धोनी ने शिकायत में लिखा था कि उन्हें क्रिकेट एकेडमी खोलने का कॉन्ट्रैक्ट मिलना था, लेकिन उन्हें यह नहीं दिया गया और उनके 15 करोड़ रुपये हड़प लिए गए। आरोप में कहा गया कि 15 अगस्त, 2021 को एमएस धोनी द्वारा अधिकार रद्द करने के बाद भी, मिहिर दिवाकर ने भारत के पूर्व कप्तान के नाम का उपयोग करके भारत और विदेशों में कई क्रिकेट अकादमियां खोलीं। उन्होंने एमएस धोनी क्रिकेट अकादमी और एमएस धोनी स्पोर्ट्स अकादमी के लिए फ्रेंचाइजी से पैसे भी लिए। धोनी के पूर्व बिजनेस पार्टनर ने उनके नाम का अनुचित इस्तेमाल किया। उनके साथ धोखाधड़ी की। इसी वजह से धोनी ने उनके खिलाफ मुकदमा कर 16 करोड़ रुपयों की मांग की है।
एमएस धोनी ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 406, 420,467,468,471 और 120 बी के तहत जिला न्यायालय रांची में सक्षम अदालत में 1. अरका स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड 2. मिहिर दिवाकर निदेशक और 3. सौम्या दास निदेशक के खिलाफ आपराधिक मामला दायर किया था।