चेन्नई सुपर किंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद
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1. ऋतुराज गायकवाड़ का फॉर्म में वापस लौटना: ऋतुराज ने इस मैच से पहले तक आठ मैचों में 138 रन बनाए थे। धोनी के कप्तानी वाले रोल में लौटते ही यह युवा बल्लेबाज भी अपने फॉर्म में लौट आया और उसने 57 गेंदों पर 99 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। इस पारी में ऋतुराज ने छह चौके और छह छक्के लगाए। उनकी इस पारी की बदौलत चेन्नई की टीम पहले पावरप्ले और फिर मैच में प्रभाव छोड़ पाई।
2. चेन्नई की शानदार ओपनिंग: इस मैच के लिए चेन्नई की टीम में बदलाव किए गए। रॉबिन उथप्पा को ओपनिंग की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया और न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज डेवोन कॉन्वे को ऋतुराज के साथ ओपनिंग की जिम्मेदारी मिली। कॉन्वे ने इस रोल को बखूबी निभाया और 55 गेंदों पर 85 रन की आक्रामक पारी खेली। वह अंत तक बल्लेबाजी करते रहे। अपनी पारी में कॉन्वे ने आठ चौके और चार छक्के लगाए। कॉन्वे और ऋतुराज ने 182 रन की ओपनिंग साझेदारी कर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए।
ऋतुराज गायकवाड़ और डेवोन कॉन्वे
3. उमरान समेत हैदराबाद के गेंदबाजों का फींका प्रदर्शन: अब तक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले तूफानी गेंदबाज उमरान मलिक इस मैच में कुछ खास नहीं कर सके। उन्होंने चार ओवर में 48 रन लुटाए और कोई विकेट नहीं मिला। इसके अलावा मार्को यानसेन, एडेन मार्करम और शशांक सिंह भी काफी महंगे साबित हुए। भुवनेश्वर कुमार ने अच्छी गेंदबाजी की पर उन्हें विकेट नहीं मिला। टी नटराजन ने दो विकेट झटके, लेकिन इसके लिए उन्होंने 42 रन लुटाए।
4. केन विलियम्सन की धीमी बल्लेबाजी और त्रिपाठी फेल: हैदराबाद के हार की मुख्य वजह उनकी बल्लेबाजी रही। बल्लेबाजी के लिए शानदार पिच पर अभिषेक शर्मा ने एसआरएच को तेज शुरुआत दिलाई। अभिषेक ने 24 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्के की मदद से 39 रन बनाए। पावरप्ले में हैदराबाद ने अभिषेक का विकेट गंवाकर 58 रन बना लिए थे। इसके बाद जिम्मेदारी विलियम्सन और राहुल त्रिपाठी पर थी की वह इस पारी को आगे बढ़ाएं, पर राहुल त्रिपाठी का शून्य पर आउट होना इस प्लान पर पानी फेर गया।
विलियम्सन ने 47 रनों की पारी खेली, लेकिन इसके लिए उन्होंने 37 गेंद लिए। वह एक छोर से टिकने की कोशिश कर रहे थे और ऐसे में जरूरी रन रेट बढ़ता गया। निकोलस पूरन ने आखिर में कुछ बड़े शॉट जरूर लगाए, लेकिन यह हैदराबाद को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए काफी नहीं था।
केन विलियम्सन
5. मुकेश चौधरी का एक ओवर में दो विकेट लेना: चेन्नई के उभरते सितारे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी ने इस मैच में दो बार एक ही ओवर में दो-दो विकेट लिए। सबसे पहले उन्होंने पावरप्ले के आखिरी ओवर यानी छठे ओवर की पांचवीं गेंद पर अभिषेक शर्मा और अगली गेंद पर राहुल त्रिपाठी को पवेलियन भेजा। इसके बाद 18वें ओवर में मुकेश ने चौथी गेंद पर शशांक सिंह और आखिरी गेंद पर वॉशिंगटन सुंदर का विकेट लेकर मैच पलट दिया। शशांक ने पिछले मैच में अच्छी बल्लेबाजी की थी और सुंदर भी बड़े शॉट लगाने में माहिर माने जाते हैं। मुकेश ने चार ओवर में 46 रन देकर चार विकेट झटके।
चेन्नई के कप्तान धोनी और हैदराबाद के कप्तान विलियम्सन
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चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का प्रदर्शन इस मैच में कुछ खास नहीं रहा। वह ऋतुराज के आउट होने के बाद 18वें ओवर में बल्लेबाजी के लिए उतरे। 20वें ओवर में नटराजन ने धोनी को उमरान मलिक के हाथों कैच कराया। धोनी सात गेंदों पर आठ रन ही बना सके। अपनी पारी में धोनी ने एक चौका लगाया।
वहीं, हैदराबाद के कप्तान विलियम्सन ने इस सीजन में लगातार नौवीं बार टॉस जीता। विलियम्सन ने अपने गेंदबाजों को तो सही तरीके से रोटेट किया, लेकिन इसका फायदा उन्हें नहीं मिला। बल्लेबाजी में विलियम्सन ने बेहद धीमी पारी खेली। उन्होंने ठीक उसी प्रकार बल्लेबाजी की, जिस प्रकार केएल राहुल पंजाब किंग्स में बल्लेबाजी करते थे।
एक छोर से तो वह टिके रहे, लेकिन उन्होंने अपनी पारी को एक्सलरेट नहीं किया, जिससे हैदराबाद पर दबाव बढ़ता गया। जब विलियम्सन ने गियर बदलना चाहा तो अपना विकेट गंवा बैठे। विलियम्सन ने अपनी 37 गेंदों पर 47 रन की पारी में दो चौके और दो छक्के लगाए।