20 जून का दिन भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए बहुत खास है। इस दिन राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी, लेकिन इसी दिन एक खास तेज गेंदबाज का जन्म हुआ था, जो अपनी तेज बाउंसर गेंदों के लिए जाना जाता था। आज के समय में भारत के पास कई विश्व स्तरीय तेज गेंदबाज हैं, जो दुनिया की किसी भी टीम के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं, लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। 1960-70 के दशक में भारत के पास ज्यादा तेज गति के गेंदबाज नहीं थे। ऐसे में रमाकांत देसाई ने अपनी अलग छाप छोड़ी थी।
रमाकांत का जन्म 20 जून 1939 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। पहले ही मैच में रमाकांत ने 49 ओवर की गेंदबाजी की थी और 169 रन देकर चार विकेट लिए थे।
इंग्लैंड दौरे में किया था कमाल
रमाकांत की लंबाई पांच फीट चार इंच थी, लेकिन उनकी बाउंसर गेंद बहुत ही खतरनाक थी। उस समय बल्लेबाजों के पास आज की तरह मजबूत हेलमेट भी नहीं होते थे। इस वजह से बल्लेबाज उनसे डरते थे और उन्हें टिनी देसाई भी कहा जाता था। इंग्लैड दौरे पर देसाई ने कमाल की गेंदबाजी की थी। उछाल भरी पिचें भी उनकी मदद कर रही थीं और लॉर्ड्स में उन्होंने 89 रन देकर पांच विकेट लिए थे। इसके बाद विजडन पत्रिका में उनकी आउट स्विंग और बाउंसर गेंद की तारीफ की गई थी।