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Match Fixing: फिक्स थे भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच, दिल्ली की अदालत ने सुनाया चौंकाने वाला फैसला, जानें मामला

Sun, 14 Jul 2024 04:42 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दो टेस्ट और पांच एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच 19 फरवरी से 19 मार्च, 2000 तक आयोजित किए गए थे। अदालत ने कहा, "जांच से यह निष्कर्ष निकला कि कुछ मैच फिक्स थे और कुछ अन्य मैचों को फिक्स करने का प्रयास किया गया था।"
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कोर्ट फैसला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2000 के क्रिकेट मैच फिक्सिंग मामले में चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करते हुए कहा कि भारत-दक्षिण अफ्रीका टेस्ट और वनडे सीरीज के कुछ मैच फिक्स किए गए थे। अदालत ने माना कि अन्य मैचों को फिक्स करने की कोशिश की गई थी।
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दो टेस्ट और पांच एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच 19 फरवरी से 19 मार्च, 2000 तक आयोजित किए गए थे। अदालत ने कहा, "जांच से यह निष्कर्ष निकला कि कुछ मैच फिक्स थे और कुछ अन्य मैचों को फिक्स करने का प्रयास किया गया था।"

जांच का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि 24 से 28 फरवरी तक मुंबई में खेले गए पहले टेस्ट मैच में "यह निर्णय लिया गया था कि दक्षिण अफ्रीकी टीम एक पारी में 250 से अधिक रन नहीं बनाएगी और यह बात किंग्स कमीशन के समक्ष पीटर स्ट्राइडम और हैंसी क्रोनिए के बयान से भी स्पष्ट है।"
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बेंगलुरु में दो से छह मार्च तक हुए दूसरे टेस्ट मैच को लेकर अदालत ने कहा, "किंग्स कमीशन के सामने दिए गए बयानों के मुताबिक हैंसी क्रोन्ये ने अन्य खिलाड़ियों से बात की थी, लेकिन यह मैच फिक्स नहीं था, हालांकि इसे फिक्स करने की कोशिश की गई थी।"

कोच्चि में पहला वनडे मैच फिक्स था
अपने समक्ष मौजूद सबूतों पर गौर करते हुए अदालत ने माना कि नौ मार्च को कोच्चि में पहला वनडे मैच फिक्स था। इसमें कहा गया, "16 मार्च, 2000 को रिकॉर्ड की गई बातचीत में क्रोन्ये ने बकाया भुगतान की मांग की और किंग्स कमीशन के समक्ष उन्होंने संजीव चावला से पैसे लेने की बात स्वीकार की। यह स्पष्ट रूप से साबित करता है कि पहल एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच को फिक्स किया गया था।"

अदालत ने 12 मार्च को जमशेदपुर में दूसरे वनडे, 15 मार्च को फरीदाबाद में तीसरे वनडे और 17 मार्च को बड़ौदा में चौथे वनडे के बारे में कहा कि क्रोन्ये ने किंग्स कमीशन के सामने अपने बयान में कहा था कि वह भविष्यवाणी कर रहे थे कि क्या होगा।

अदालत ने कहा, "इससे पता चलता है कि ये मैच फिक्स नहीं थे लेकिन यह अनुमान लगाया जा सकता है कि हैंसी क्रोन्ये ने आरोपी व्यक्तियों को अंदरूनी जानकारी देने में मदद की। इससे उन्हें सट्टा लगाने और भारी मुनाफा कमाने में मदद की।"

हैंसी क्रोन्ये मैच का स्कोर तय करने के लिए हुए थे सहमत
अदालत ने 19 मार्च को नागपुर में हुए पांचवें वनडे को लेकर कहा कि रिकॉर्ड की गई बातचीत के मुताबिक, "यह स्पष्ट है कि हैंसी क्रोन्ये मैच का स्कोर तय करने के लिए सहमत हो गए थे और वह हर्षल गिब्स का व्यक्तिगत स्कोर को भी तय करने के लिए  सहमत हो गए थे। उन्होंने विलियम्स से अपने 10 ओवरों में 50 से अधिक रन देने के लिए भी बात की थी। गिब्स और विलियम्स, दोनों को 15000 डॉलर देने का वादा किया गया था।"

इसमें कहा गया है, "ये खिलाड़ी हालांकि मैच के दौरान समझौते के बारे में भूल गए और सहमत शर्तों के अनुसार नहीं खेले लेकिन यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि मैच को फिक्स करने का गंभीर प्रयास किये गए थे।"

अदालत ने आगे कहा, "रिकॉर्ड की गई बातचीत से, यह पता चला है कि आरोपी व्यक्तियों के बीच, आपराधिक साजिश का हिस्सा रहे दक्षिण अफ्रीका टीम के सदस्यों को भुगतान के लिए हवाला लेनदेन के माध्यम से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा का भी आदान-प्रदान हुआ है।"
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