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Cheteshwar Pujara: चेतेश्वर पुजारा ने रणजी ट्रॉफी में लगाया शतक, इस मामले में ब्रायन लारा को पीछे छोड़ा, जानें

Mon, 21 Oct 2024 04:09 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पुजारा के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत अक्तूबर 2010 में बंगलूरू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू के साथ हुई थी। तब से वह काफी समय तक भारतीय टेस्ट टीम का एक अभिन्न हिस्सा बने रहे थे।
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चेतेश्वर पुजारा - फोटो : Twitter
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विस्तार
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भारत के स्टार बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने रणजी ट्रॉफी में शतक जड़ दिया है। सौराष्ट्र से खेलने वाले पुजारा ने सोमवार को रणजी ट्रॉफी के राउंड दो में छत्तीसगढ़ के खिलाफ शतक जड़ा। यह उनके फर्स्ट क्लास क्रिकेट का 66वां शतक रहा। इस शतक के साथ उन्होंने सबसे ज्यादा फर्स्ट क्लास शतक लगाने के मामले में दिग्गज ब्रायन लारा को पीछे छोड़ दिया। हालांकि, वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय के मामले में तीसरे नंबर पर हैं। इस मामले में सचिन तेंदुलकर और सुनील गावस्कर 81-81 शतक के साथ पहले नंबर पर, राहुल द्रविड़ 68 शतक के साथ दूसरे नंबर पर और पुजारा तीसरे नंबर पर हैं। इसके बाद विजय हजारे (60) और वसीम जाफर (57) का नंबर आता है। भारतीय टीम से बाहर चल रहे पुजारा ने रणजी ट्रॉफी मैच के राउंड दो में बल्लेबाजी करते हुए 21,000 रन भी पूरे किए।
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चेतेश्वर पुजारा - फोटो : County Cricket/Sussex
पुजारा का जन्म 25 जनवरी 1988 को गुजरात के राजकोट में हुआ था। उनके पिता अरविंद पुजारा और चाचा, बिपिन पुजारा, दोनों सौराष्ट्र के लिए रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी थे। उन्होंने क्रिकेट में चेतेश्वर के भविष्य की नींव रखी। पुजारा ने दिसंबर 2005 में सौराष्ट्र के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया और तब से वह टीम के लिए आधारशिला बने हुए हैं। पुजारा का घरेलू करियर प्रभावशाली उपलब्धियों से भरा हुआ है। वह कई मौकों पर सौराष्ट्र के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे हैं। इसमें रणजी ट्रॉफी का 2017-18 संस्करण भी शामिल है। वहां उन्होंने सिर्फ चार मैचों में 437 रन बनाए थे। पारी को एंकर करने और बड़े शतक बनाने की उनकी क्षमता घरेलू क्रिकेट में सौराष्ट्र की सफलता में महत्वपूर्ण रही है। 2019-20 रणजी ट्रॉफी में पुजारा ने फर्स्ट क्लास में 50 शतक पूरे किए थे।

चेतेश्वर पुजारा - फोटो : Twitter
पुजारा के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत अक्तूबर 2010 में बंगलूरू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू के साथ हुई थी। तब से वह काफी समय तक भारतीय टेस्ट टीम का एक अभिन्न हिस्सा बने रहे थे। वह अपनी धैर्यशक्ति और अनुशासित बल्लेबाजी शैली के लिए जाने जाते हैं। इस बैटिंग एप्रोच को अक्सर डिफेंसिव एप्रोच और पुराने समय के लोगों द्वारा अपनाए गए एप्रोच का नाम दिया जाता है। इसी की वजह से पुजारा क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में इतने सफल हो पाए हैं।
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चेतेश्वर पुजारा - फोटो : Twitter
पुजारा ने 100 से अधिक टेस्ट मैचों में 43.60 की औसत से 7195 रन बनाए हैं, जिसमें 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। उनका योगदान कई सीरीज में महत्वपूर्ण रहा है। खास तौर से 2017 में ऑस्ट्रेलिया के भारतीय दौरे ते दौरान भारत की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत में पुजारा का अहम किरदार रहा था। रांची में तीसरे टेस्ट में पुजारा का तीसरा दोहरा शतक और ऋद्धिमान साहा के साथ मैराथन 199 रन की साझेदारी शामिल है। उस सीरीज का मुख्य आकर्षण पुजारा की बल्लेबाजी थी और वह रांची में प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे। वहीं, काउंटी क्रिकेट में भी पुजारा का बल्ला जमकर बोला है। वह इस टूर्नामेंट में खूब रन बना चुके हैं, लेकिन उनके काउंटी में प्रदर्शन को कभी तवज्जो नहीं दी गई। पुजारा पिछले काफी समय से टेस्ट क्रिकेट नहीं खेले हैं और अब उनकी वापसी की संभावना बेहद कम है।
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