भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला टेस्ट ड्रॉ रहने पर संतोष जताया है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गेंदबाजों ने मध्य ओवरों में जरूरत से ज्यादा आक्रामकता दिखाई, जिससे हम मैच हार सकते थे। बकौल धोनी, ‘इस मैच में एक समय था, जब हम आसानी से इसे हार सकते थे। बीच के ओवरों में गेंदबाजों ने अत्यधिक आक्रामकता से गेंदबाजी की, जिससे हम हार के करीब पहुंच गए थे। लेकिन गेंदबाजों के लिए यह अच्छा अनुभव है और इससे वह यह सीख सकते हैं कि कब और कितना आक्रामकता से खेलना है।’
पांचों दिन चुनौती देने में कामयाब रही टीम
साथ ही भारतीय कप्तान अपने टीम के प्रदर्शन से काफी खुश हैं कि उनकी टीम मैच के पांचों दिन चुनौती पेश करने में सक्षम रही। उन्होंने कहा, ‘हम इस मैच में यहां की परिस्थितियों की बहुत कम जानकारी के साथ उतरे थे। हालांकि हमें वनडे मैचों से इसका अंदाजा लग गया था। इसलिए मैं अपनी टीम के प्रदर्शन से खुश हूं। जब हम भारत से बाहर खेलते हैं तो हम तीन पेसरों और एक स्पिनर के साथ उतरते हैं। लेकिन यहां स्पिनरों के पास पहली पारी में करने के लिए बहुत अधिक नहीं था। इसलिए पेसरों पर काफी दबाव था और उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।’
जहीर की वापसी काबिलेतारीफ
भारतीय कप्तान ने मैच में पांच विकेट लेकर अच्छी वापसी करने वाले जहीर खान की तारीफ की। बकौल धोनी, ‘जहीर की वापसी काबिलेतारीफ है। वह हमारे आक्रमण का अगुआ है और वह गेंदबाजों को सिखाएगा कि कहां गेंदबाजी करनी है। मैं सिर्फ फील्डिंग सजा सकता हूं और सबसे प्रभावी चीज उसकी फिटनेस रही।’
सकारात्मक चीजों से निगाहें डरबन पर
कप्तान धोनी को इस मैच में काफी कुछ सकारात्मक चीजें मिली हैं और अब उनकी निगाहें डरबन टेस्ट पर है। बकौल धोनी, ‘सकारात्मक चीजों से अब हमारी निगाहें डरबन टेस्ट पर है। हमारे पास कुछ ऐसे गेंदबाज हैं, जो वहां खेले हैं। इस टेस्ट से हमें काफी कुछ सीखने को मिला और यह अहम है कि अब हम अगला टेस्ट खेलने के लिए तैयार हों।’
भारतीय कप्तान ने अपने बल्लेबाजों की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘हमारे बल्लेबाजों ने भी काफी अच्छा प्रदर्शन किया। विराट, पुजारा और विजय ने नई गेंद पर डटकर सामना किया।’